Paytm Shares: ब्रोकरेज फर्म Haitong ने बुलिश रुझान के साथ पेटीएम की कवरेज शुरू की। चूंकि आज दुनिया भर के स्टॉक मार्केट में ईरान और अमेरिका के बीच किसी समझौते पर नहीं पहुंचने के चलते हाहाकार मचा रहा तो पेटीएम पर भी इसका दबाव दिखा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म के बुलिश रुझान के हिसाब से इस गिरावट को खरीदारी के मौके पर देख सकते हैं। पेटीएम के शेयर आज बीएसई पर 1.44% की गिरावट के साथ ₹1106.85 (Paytm Share Price) पर बंद हुए हैं। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) की बात करें तो शुरुआती कारोबार में ये करीब 2% टूट गए थे।
किस भाव तक चढ़ सकता है Paytm?
ब्रोकरेज फर्म ने पेटीएम की आउटपरफॉर्म रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस प्रति शेयर ₹1,410 पर फिक्स किया है। हालांकि ध्यान दें कि यह टारगेट प्राइस भी पेटीएम के शेयरों के इश्यू प्राइस से काफी नीचे है। पेटीएम के ₹18300 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹2150 के भाव पर शेयर जारी हुए थे, जिसे आज तक यह छू नहीं सका है। ओवरऑल इसे कवर करने वाले 21 एनालिस्ट्स में से 15 ने खरीदारी, 5 ने होल्ड और 1 ने सेल रेटिंग दी है।
पेटीएम पर क्यों है ब्रोकरेज बुलिश?
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि रिटेल डिजिटल पेमेंट्स का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अपनी मार्केट लीडरशिप पोजिशन के दम पर यह इसका फायदा उठाने के लिए पेटीएम मजबूत स्थिति में है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक एसएमई मर्चेंट्स को डिजिटलीकरण पर खास जोर से कंपनी का रेवेन्यू तेज स्पीड से बढ़ा है। इसके अलावा प्रोडक्ट इनोवेशन और एमडीआर-लिंक्ड पेमेंट में सुधार से पेटीएम के मार्जिन में सुधार दिख सकता है।
ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि मार्केट में बड़े नेटवर्क के दम पर पेटीएम की मर्चेंट लेंडिंग में मजबूत स्थिति और ऑपरेटिंग लेवरेज बेनेफिट्स के चलते वित्त वर्ष 2028 तक कोर ईबीआईटीडीए मार्जिन में 17% तक की तेज बढ़ोतरी का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-2028 के दौरान पेटीएम का कोर ईबीआईटीडीए यानी कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट और शुद्ध मुनाफा, दोनों चार-चार गुना की स्पीड से बढ़ेंगे और वित्त वर्ष 2028 तक RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) बढ़कर 12% हो जाएगा।
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