Paytm Share Price: पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस के शेयरों पर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के एक फैसले ने करारी चोट की है। एनपीसीआई ने यूपीआई को लेकर कैप की जो लिमिट तय की थी, उसे लागू करने की तारीख दो साल आगे खिसका दी है, जिससे पेटीएम को करारा झटका लगा। आज BSE पर यह 3.01 फीसदी की गिरावट के साथ 986.80 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.02 फीसदी फिसलकर 976.55 रुपये के भाव तक आ गया था।
क्या है NPCI का फैसला, जिस पर टूटा Paytm?
एनपीसीआई ने करीब चार साल पहले नवंबर 2020 में एक प्रस्ताव पेश किया था जिसके मुताबिक यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शंस की संख्या पर अधिकतम 30 फीसदी का कैप लगा दिया गया यानी कि किसी एक डिजिटल पेमेंट फर्म के पास 30 फीसदी से अधिक मार्केट शेयर नहीं हो सकता। इसे 2024 के आखिरी से लागू होना था लेकिन एनपीसीआई के बयान के मुताबिक अब यह दिसंबर 2026 के आखिरी में लागू होगा।
अभी सबसे अधिक गूगल पे (Google Pay) और वालमार्ट की फोनपे (PhonePe) का इस्तेमाल होता है। एनपीसीआई के नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक यूपीआई पेमेंट्स में फोनपे की हिस्सेदारी 47.8 फीसदी और गूगलपे की 37 फीसदी थी। नवंबर में इन दोनों ने 1310 करोड़ ट्रांजैक्शंस प्रोसेस किए। इसके अलावा एनपीसीआई ने वाट्सऐप के यूपीआई प्रोडक्ट से नए यूजर्स को जोड़ने पर लगी रोक को भी हटा लिया। इसने पेटीएम को झटका दिया। सिर्फ पेटीएम ही नहीं बल्कि इस सेगमेंट की बाकी प्लेयर्स नवी, क्रेड और एमेजॉन पे को भी झटका लगा।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
पेटीएम के शेयरों ने पिछले साल 2024 में कम समय में ही निवेशकों की शानदार कमाई कराई थी। पिछले साल 9 मई 2024 को यह 310.00 रुपये पर था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर था। इस निचले स्तर से 7 महीने में यह करीब 243 फीसदी उछलकर पिछले महीने 17 दिसंबर 2024 को 1063.00 रुपये के भाव पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और फिलहाल इस हाई से यह करीब 7 फीसदी डाउनसाइड है।