Paytm Stocks: एक झटके में 18% गिरा पेटीएम का शेयर, लिस्टिंग के बाद से ₹1 लाख करोड़ घटी वैल्यू
Paytm Shares Price: पेटीएम ने लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के कुछ सेगमेंट से पीछे हटना शुरू किया है। इस खबर के बाद से पेटीएम के शेयरों में करीब 15% की गिरावट आ चुकी है। इस बात का पहले ही अनुमान जताया गया था कि RBI की ओर से क्रेडिट रिस्क के वेटेज में बदलाव का पेटीएम के कारोबार पर असर पड़ सकता है। हालांकि अब सवाल यह है कि आखिरी इसके शेयरों में गिरावट के बीच अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Paytm Stock: पेटीएम के शेयरों की कीमत गिरकर अब 670 रुपये पर आ गई है
Paytm Shares Price: पेटीएम ने लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के कुछ सेगमेंट से पीछे हटना शुरू किया है। इस खबर के बाद से पेटीएम के शेयरों में करीब 18% की गिरावट आ चुकी है। इस बात का पहले ही अनुमान जताया गया था कि RBI की ओर से क्रेडिट रिस्क के वेटेज में बदलाव का पेटीएम के कारोबार पर असर पड़ सकता है। हालांकि अब सवाल यह है कि आखिरी इसके शेयरों में गिरावट के बीच अब निवेशकों को क्या करना चाहिए? इससे पहले आइए पहले गिरावट के कारणों को समझते हैं।
पेटीएम ने कल एक एनालिस्ट कॉल में बताया कि वह 50,000 रुपये से कम के पर्सनल लोन और पोस्टपेड सेवा (इसे BNPL लोन भी कहते हैं) से पीछे हट रही है। इसकी जगह कंपनी अधिक टिकट साइज वाले पर्सनल लोन और मर्चेंट लोन (3 से 7 लाख की बीच का रेंज) पर फोकस करना चाहती है।
पेटीएम को क्यों अपने बिजनेस रणनीति में बदलाव करना पड़ा?
कंपनी का कहना है कि उसने अपनी अंडरराइटिंग प्रक्रिया में सुधार और एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए ये कदम उठाए हैं। हालांकि, इसके पीछे का असल कारण असुरक्षित पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर RBI की ओर से रिस्क-वेटेड बढ़ाने का निर्देश रहा है। मनीकंट्रोल प्रो ने 1 दिसंबर को जारी नोट में इस जोखिम का अनुमान लगाया था और कहा था कि आरबीआई की लोन देने के नियमों को कड़ा करने के कारण पेटीएम को अपनी बिजनेस स्ट्रैटजी बदलने पर मजबूर बोना पड़ सकता है।
कितना बड़ा है पेटीएम का लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस
Paytm कई तरह के लोन देती है। इसमें पर्सनल लोन से लेकर मर्चेंट लोन और पेटीएम पोस्टपेड शामिल है। पिछले कुछ सालों में इसने अपने लोन बिजनेस को काफी बढ़ाया है। हालिया सितंबर तिमाही में कंपनी ने बतौर लोन 16,211 करोड़ रुपये बांटे, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा महज 1,257 करोड़ रुपये का था।
पेटीएम ने हर तिमाही कितने रूपये लोन के तौर पर बांटे, इसे आप नीचे दिए चार्ट में देख सकते हैं-
अमाउंट बढ़ने के साथ लोन बिजनेस से पेटीएम की आमदनी भी बढ़ी है। सितंबर तिमाही के दौरान पेटीएम के कुल रेवेन्यू में फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस का योगदान बढ़कर 23 फीसदी पहुंच गया, जो एक साल पहले इसीतिमाही में 18 पर्सेंट और 2 साल पहले यानी वित्त वर्ष 2021 की सितंबर तिमाही में सिर्फ 3.8 फीसदी था। यह पेटीएम के लिए इसके लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के बढ़ते महत्व को दिखाता है।
पेटीएम ने सितंबर तिमाही में जो लोन बांटे हैं, उसमें से 56 फीसदी लोन BNPL (बाय नाउ, पे लेचर) सेगमेंट में बांटे हैं, जो पेटीएम पोस्टपेड यूजर्स को दिया जाता है। इसमें से करीब 72 से 75% लोन का साइज 50,000 रुपये से कम था। हालांकि अब कंपनी 50,000 रुपये से कम के लोन का वितरण कम कर रही है।
पेटीएम के कुल लोन वितरण में 50,000 रुपये से कम वैल्यू वाले लोन के योगदान को आप नीचे के चार्ट में देख सकते हैं-
शेयरों में भारी गिरावट का कारण क्या है?
पेटीएम के शेयरों में लिस्टिंग की बाद से ही जो गिरावट शुरू हुई थी, उसे लोन डिस्ट्रीब्यूशन ने सहारा दिया था। भारी कॉम्पिटीशन और कम मार्जिन वाल पेमेंट बिजनेस से इसने समय रहते लोन बिजनेस की ओर रुख कर लिया, जिससे इसके कारोबारी प्रदर्शन में सुधार हुआ। साथ ही इसके शेयरों ने 470 रुपये के अपने ऑल-टाइम लो से काफी तेजी से वापसी भी की।
पेटीएम का पूरा बिजनेस मॉडल यह है कि कंपनी ग्राहकों और मर्चेंट को पेमेंट सॉल्यूशंस देती है और उन्हें अधिक मार्जिन वाले फाइनेंशियल सर्विस, कॉमर्स और क्लाउड सर्विस को क्रॉस-सेलिंग के तौर पर बेचती है। इसमें मुनाफे और वैल्यूएशन के लिहाज से इसका लेंडिंग बिजनेस सबसे अहम है।
हालांकि अब रणनीति में नए बदलवा और पूंजी जरूरतो को लेकर कड़े मानदंड़ों के लागू होने के बाद, बैंकों और NBFC की ओर से कंज्मप्शन लोन देने में कटौती किए जाने की उम्मीद है। चूंकि पेटीएम का लोन बिजनेस बैंकों और NBFC की ग्रोथ पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में हमें इसके लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में मंदी और/या पार्टनर्स (बैंक/एनबीएफसी) से मिलने वाली फीस पर दबाव दिख सकता हैं।
अभी भी कई चुनौतियां
पेटीएम के शेयरों की कीमत गिरकर अब 670 रुपये पर आ गई है, जो इसके 2,150 रुपये के आईपीओ प्राइस का करीब एक तिहाई है। लिस्टिंग के बाद से इसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 लाख करोड़ रुपये घट चुकी है। बेशक, पेटीएम का वैल्यूएशन अब आईपीओ के समय के 13.4 गुना से घटकर वित्त वर्ष 2025 के लिए अनुमानित रेवेन्यू के 5 गुना के स्तर पर आ गया है। हालांकि अभी भी इसके सामने लोन बिजनेस में मंदी, मार्केट में नई कंपनी से संभावित कॉम्पिटीशन और रेगुलेटरी जोखिम जैसी कुछ चुनौतियां, जो इसके स्टॉक पर असर डाल सकती है।
डिस्क्लेमर:यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।