IT कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयरों में 29 जून को जबरदस्त गिरावट है। शुरुआती कारोबार में ही शेयर पिछले बंद भाव से 9 प्रतिशत तक टूटकर 4404 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 70100 करोड़ रुपये पर आ गया है। शनिवार को कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया था कि वह जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Nagarro SE के सभी बकाया शेयर 81 यूरो प्रति शेयर की कैश डील में खरीदना चाहती है। इसके लिए कंपनी एक वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर दे रही है। यह खरीद सब्सिडियरी गैलेक्सी जर्मनी होल्डिंग के जरिए करने का प्लान है।
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कहना है कि डील के अक्टूबर-दिसंबर 2026 या जनवरी-मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। पर्सिस्टेंट को पहले ही Nagarro की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर, Lantano Beteiligungen GmbH का साथ मिल चुका है, जिसने कंपनी में अपनी पूरी 21 प्रतिशत हिस्सेदारी पर्सिस्टेंट को बेचने पर सहमति जताई है। Nagarro का मैनेजमेंट और सुपरवाइजरी बोर्ड भी इस ट्रांजेक्शन के सपोर्ट में है। फाइनल ऑफर डॉक्यूमेंट का रिव्यू करने के बाद उस पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इस ट्रांजेक्शन पर अभी रेगुलेटरी मंजूरियां और जर्मनी के फाइनेंशियल रेगुलेटर BaFin की मंजूरी लिया जाना भी बाकी है।
प्रस्तावित अधिग्रहण से Persistent की AI-बेस्ड इंजीनियरिंग और क्लाउड क्षमताएं, Nagarro की यूरोपियन डिजिटल इंजीनियरिंग, ERP और कस्टमर एक्सपीरियंस विशेषज्ञता के साथ आएंगी। इससे एक ऐसी कंपनी बनेगी, जिसका सालाना रेवेन्यू रन रेट लगभग 2.9 अरब डॉलर होगा। इसके 40 से अधिक देशों में 46,000 से अधिक कर्मचारी होंगे।
इस सौदे के लिए फंडिंग बार्कलेज (Barclays) से कमिटेड फाइनेंसिंग के जरिए की जाएगी। यह अधिग्रहण यूरोप में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की मौजूदगी को काफी मजबूत करेगा। इस ट्रांजेक्शन के बाद बनने वाली कंपनी के रेवेन्यू में यूरोप की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत की होगी। नॉर्थ अमेरिका का योगदान लगभग 62 प्रतिशत रहेगा।
जर्मनी के म्यूनिख में हेडक्वार्टर वाली Nagarro ने कैलेंडर वर्ष 2025 में लगभग 1 अरब यूरो का रेवेन्यू कमाया। इसके 40 से अधिक देशों में लगभग 18,500 कर्मचारी हैं। कंपनी की ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, कंज्यूमर, टेलीकॉम और BFSI सेक्टर में अच्छी मौजूदगी है। डील पूरी होने के बाद पर्सिस्टेंट की योजना नगारो को फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज के प्राइम स्टैंडर्ड सेगमेंट से डीलिस्ट करने की है। हालांकि, सौदा पूरा होने के बाद कम से कम दो साल तक डोमिनेशन और प्रॉफिट एंड लॉस ट्रांसफर एग्रीमेंट (DPLTA) करने का कोई इरादा नहीं है।
CLSA ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर के लिए 'हाई कनविक्शन आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 6520 रुपये प्रति शेयर है। ब्रोकरेज का कहना है कि नगारो का अधिग्रहण पर्सिस्टेंट के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद और आकर्षक कीमत वाला है। सिटी ने शेयर के लिए 'सेल' रेटिंग के साथ 4090 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। नगारो की खरीद के लिए दिया गया ऑफर 25 जून को नगारो के बिना किसी हलचल वाले क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले लगभग 140% ज्यादा है।
लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि ग्लोबल IT सर्विस शेयरों में भारी गिरावट को देखते हुए वैल्यूएशन आकर्षक बनी हुई है। अनुमान है कि यह डील लगभग 6% अर्निंग्स बढ़ाने वाली हो सकती है और पर्सिस्टेंट को उसके FY31 के 5 अरब डॉलर के रेवेन्यू टारगेट के करीब पहुंचने में मदद कर सकती है।
एलारा सिक्योरिटीज का मानना है कि इस सौदे का असर निकट भविष्य में कंपनी की ग्रोथ और मुनाफे पर पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी 'सेल' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 4,280 रुपये रखा है।
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