ट्रंप के टैरिफ ऐलान से पहले फार्मा शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं मैक्वायरी ने फार्मा और हॉस्पिटल कंपनियों पर रिपोर्ट निकाली है। मैक्वायरी ने अपने रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि अच्छे नतीजों और गाइडेंस के बावजूद फार्मा शेयरों में करेक्शन देखने को मिली। CDMO कंपनियों में मौके मिल रहे है। देशी CDMO कंपनियों का ग्लोबल मार्केट शेयर बढ़ रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलावों से CDMO कंपनियों को फायदा मिलेगा।
शेयर की चाल पर नजर डालें तो सन फार्मा का शेयर एनएसई पर 3.15 बजे के आसपास 33.70 रुपये यानी 1.90 फीसदी की गिरावट के साथ 1699 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा जबकि ल्यूपिन का शेयर 72.55 रुपये यानी 3.55 फीसदी की गिरावट के साथ 1955 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आ रहा है।
मैक्वायरी के मुताबिक भारतीय फार्मा कंपनियों पर टैरिफ का ज्यादा असर नहीं होगा। रिफ की वजह से फार्मा में करेक्शन आए तो निवेश के मौके होगे। जेनरिक में भारत का ग्लोबल बाजारों में दबदबा है। मैक्यावरी के मुताबिक ग्लोबल जेनरिक मार्केट में 20% हिस्सा भारत का है। US, यूरोप की भारत की सस्ती दवाओं पर निर्भरता है। ट्रंप के टैरिफ से US में दवाएं महंगी होंगी।
हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने हॉस्पिटल को लेकर सतर्क नजरिया अपनाया है। मैक्वायरी के मुताबिक क्षमता विस्तार पर ज्यादा खर्च को लेकर चिंता बनी हुई है।
फार्मा सेक्टर पर ब्रोकरेज फर्म को Sun Pharma, Lupin और Cipla का शेयर पसंद है जबकि CDMO स्पेस में Divi’s Labs, Blue Jet Healthcare, Suven Pharma, Syngene ब्रोकरेज की टॉप पिक्स में शामिल है।
हालांकि मैक्वायरी ने Apollo Hospitals और Max Healthcare के शेयर में बिकवाली की सलाह दी है।
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