Pharma Stocks : US फोकस वाले फार्मा शेयर इस साल 12-17% तक गिरे, क्या ट्रंप टैरिफ से बचे रहने के बाद इनमें आ सकती है तेजी ?

Pharma sector : CLSA का कहना है कि US ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। दुनिया के सभी देशों पर 10 फीसद बेस टैरिफ लगाया है। सभी देशों के फार्मा प्रोडक्ट को टैरिफ से छूट मिली है। ये सेक्टर के लिए राहत की बात है

अपडेटेड Apr 03, 2025 पर 11:43 AM
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Reciprocal Tariff : ट्रंप टैरिफ से फार्मा सेक्टर को छूट मिली है लेकिन टैरिफ से छूट कितने समय के लिए है ये साफ नहीं है। टैरिफ से छूट फार्मा सेक्टर के लिए पॉजिटिव है

Trump Tariff : ट्रंप के टैरिफ एलान से पूरी दुनिया के बाजारों में मायूसी का महौल है। भारत पर 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया है। हलांकि दूसरे एशियाई देशों की तुलना में भारत पर कम ड्यूटी लगी है। अमेरिका में आने वाले सभी प्रोडक्ट पर कम से कम 10 फीसदी का न्यूनतम टैरिफ लागू होगा। इससे 180 से ज्यादा देश प्रभावित होंगे। आज फार्मा सेक्टर सबसे ज्यादा एक्शन देखने को मिल रहा है। फार्मा सेक्टर टैरिफ के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके चलते फार्मा शेयरों में आज जोरजार तेजी है। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 3.5 फीसदी की तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। अरबिंदो फार्मा, ल्यूपिन और डॉ, रेड्डीज 5 से 6 फीसदी तक उछले हैं।

फार्मा सेक्टर पर जेफरीज की राय

भारत के फार्मा इंडस्ट्री में जेनेरिक उत्पादक,एपीआई वेंडर,सीआरओ और सीडीएमओ शामिल हैं। जाने माने ब्रोकरेज जेफरीज का कहना है कि जेनेरिक फॉर्मूलेशन बनाने वाली कंपनियां और CMOs कंपनियां प्रतिस्पर्धा और कीमतों पर दबाव के कारण सबसे अधिक जोखिम का सामना करती हैं। नोट में कहा गया है कि कुल बिक्री में 45% और 43% योगदान अमेरिका से होने के कारण ज़ाइडस लाइफसाइंसेज और डॉ रेड्डीज के लिए जोखिम कुछ ज्यादा है।


जहां तक दूसरी कंपनियों की बात है तो जेफरीज ने भारत की जेनेरिक फार्मा कंपनियों की चिंताओं को दूर करते हुए कहा था कि जेनेरिक फार्मा पर बड़े टैरिफ नहीं लगाए जा सकते हैं,क्योंकि यह सेगमेंट अमेरिका में दवाओं की कीमतों को कम करने में सहायक रहा है। नोट में कहा भी कहा गया है कि अमेरिका केंद्रित जेनेरिक फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी आने की संभावना है।

कम लेबर कॉस्ट के कारण अधिकांश भारतीय फार्मा कंपनियां भारत में ही उत्पादन करती हैं। अमेरिका में फैक्ट्री लगाने के लिए भारी पूंजी और समय की जरूरत होती है। इसके चलते बहुत जल्दी स्थितियों में बदलाव की उम्मीद करना अव्यवाहारिक नजर आता है। जेफरीज का कहना है कि वर्तमान इंटरनेशनल जेनेरिक प्राइसिंग ऐसे प्रोजेक्ट को अव्यवहारिक बना देती है,हालांकि कुछ भारतीय सीआरओ/सीडीएमओ कंपनियों ने अनुसंधान, व्यवसाय विकास और सप्लाई चेन से जुड़े जोखिम से बचने के लिए अमेरिका में अपनी इकाईयां लगा रखी हैं।

फार्मा सेक्टर पर CITI की राय

फार्मा सेक्टर पर CITI ने अपनी राय जाहिर करते हुए कहा है कि ट्रंप टैरिफ से फार्मा सेक्टर को छूट मिली है लेकिन टैरिफ से छूट कितने समय के लिए है ये साफ नहीं है। टैरिफ से छूट फार्मा सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। फार्मा सेक्टर को टैरिफ से मिली छूट अनुमान के मुताबिक ही है।

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फार्मा सेक्टर पर CLSA की राय

CLSA का कहना है कि US ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। दुनिया के सभी देशों पर 10 फीसद बेस टैरिफ लगाया है। सभी देशों के फार्मा प्रोडक्ट को टैरिफ से छूट मिली है। ये सेक्टर के लिए राहत की बात है। क्योंकि भारतीय फार्मा एक्सपोर्ट पर 10 फीसदी टैरिफ की आशंका थी। फार्मा सेक्टर को मिली ये छूट थोड़े समय के लिए हो सकती है। US फोकस वाले फार्मा शेयर इस साल 12-17 फीसद तक गिरे हैं। अब फार्मा शेयरों में तेजी दिख सकती है।

 

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