बिग एंड बोल्ड फैसले से पीछे नहीं हटेंगे पीएम मोदी, अभी तो शुरू हुई है भारतीय बाजारों की तेजी : रिधम देसाई
रिधम देसाई ने आगे कहा कि पिछले 5 साल में निफ्टी का सालाना रिटर्न 15-16 फीसदी रहा है। कंपनियों की आय में भी 15-16 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। 2022 में बाजार में रिटर्न फ्लैट रहे थे। तेजी और रिटर्न दोनों के लिहाज से बाजार में बड़े मौके हैं
रिधम ने कहा कि अगले साल सेंसेक्स में 82000 का स्तर देखने को मिल सकता है। ग्लोबल फैक्टर को देखते हुए 82000 लक्ष्य दिया है
मोदी 3.0 में रिफॉर्म को और रफ्तार मिल सकती है। CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल से मेगा इंटरव्यू में बोलते हुए मॉर्गन स्टैनली के रिधम देसाई ने कहा है कि गठबंधन सरकार के बावजूद पीएम मोदी बिग एंड बोल्ड फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। भारतीयों बाजारों में तेजी तो अभी शुरू हुई है। बाजार में तेजी का अभी तो ट्रेलर है। अनुज सिंघल से बेबाक बातचीत उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंक, 2 व्हीलर, होटल, टूरिज्म, ज्वेलरी सेगमेंट में निवेश के बड़े मौके हैं। अगले 5 साल में तेज इकोनॉमिक ग्रोथ की उम्मीद है। इससे बुल मार्केट आगे भी जारी रहेगा।
बुल मार्केट के लिहाज से बड़े रिटर्न मिलना बाकी
इस बातचीत में रिधम देसाई ने आगे कहा कि पिछले 5 साल में निफ्टी का CAGR रिटर्न (सालाना रिटर्न )15-16 फीसदी रहा है। कंपनियों की आय में भी 15-16 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है। 2022 में बाजार में रिटर्न फ्लैट रहे थे। तेजी और रिटर्न दोनों के लिहाज से बाजार में बड़े मौके हैं। बुल मार्केट के लिहाज से अभी बड़े रिटर्न मिलना बाकी हैं।
अगले 5 साल में बाजार को मिलेगा पॉजिटिव सरप्राइज
हालिया चुनाव नतीजों पर बात करते हुए रिधम ने कहा कि पिछले 35 साल गठबंधन की सरकारें रहीं हैं। पिछले 10 साल में बहुमत की सरकार बनी है। 1991 में नरसिम्हा राव की सरकार 5 साल चली। नरसिम्हा राव को रिफॉर्म में दिक्कतें नहीं आईं। BJP को अभी भी रिफॉर्म में दिक्कतें नहीं आएंगी। मौजूदा गठबंधन सरकार 5 साल चलेगी। अगले 5 साल में बाजार को पॉजिटिव सरप्राइज मिलेगा।
इकोनॉमी पर बात करते हुए रिधम ने कहा कि मोदी सरकार ने कई क्षेत्रों में सुधार किया है। मैक्रो स्थिरता पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। मैक्रो स्थिरता से महंगाई दर में कमी आई है। महंगाई में उठापटक भी कम हुई है। महंगाई घटने से इक्विटी, करेंसी और बॉन्ड मार्केट में स्थिरता आएगी।
10 साल में 10-15 फीसदी लोग गरीबी रेखा के ऊपर आए हैं। नौकरियां बढ़ाने पर ही गरीबी दूर होगी। रोड, रेलवे, एयरपोर्ट और जल जीवन से ग्रोथ बनी रहेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस से नई जॉब बढ़ेगी। पावर सेक्टर में भी बड़ा बदलाव हो रहा है। पॉलिसी में स्थिरता से इकोनॉमिक गति तेज होगी। इकोनॉमिक तेजी से कॉरर्पोरेट अर्निंग भी बढ़ेगी।
अगले साल सेंसेक्स में देखने को मिल सकता है 82000 का स्तर
बाजार पर बात करते हुए रिधम ने कहा कि अगले साल सेंसेक्स में 82000 का स्तर देखने को मिल सकता है। ग्लोबल फैक्टर को देखते हुए 82000 लक्ष्य दिया है। कॉरपोरेट ग्रोथ में लगातार सुधार हो रहा है। अगले 5 साल में बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। ऊंचाई से बाजार में करेक्शन भी संभव है।
बाजार में अभी 40-60 फीसदी तेजी बाकी
रिधम की राय है कि बाजार में अभी 40-60 फीसदी तेजी बाकी है। इकोनॉमिक ग्रोथ से ऊपर की तरफ सरप्राइज मिलेंगे। घरेलू पॉलिटिकल रिस्क तो कम हुआ है। लेकिन ग्लोबल रिस्क अभी भी कम नहीं हुए हैं है। US,चीन या दूसरे देशों से रिस्क की आशंका है।
हेल्थकेयर और शिक्षा पर ज्यादा फोकस की जरूरत
रिधम ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य 8 फीसदी GDP ग्रोथ पर रहेगा। 8 फीसदी GDP ग्रोथ के लिए सप्लाई चेन में बदलाव जरूरी है। इंफ्रास्ट्रक्चर के ढांचे में काफी बदलाव आया है। हेल्थकेयर और शिक्षा पर ज्यादा फोकस की जरूरत है। ब्यूरोकेसी में भी बड़े रिफॉर्म की उम्मीद है। शिक्षा, हेल्थकेयर रिफॉर्म का बाजार पर इनडायरेक्ट असर होगा।
बुल मार्केट की 'अभी तो पिक्चर बाकी' है
रिधम की राय है कि बुल मार्केट की पिक्चर अभी बाकी है। बाजार में बुल मार्केट अभी लंबा चलेगा। बुल मार्केट के लिए ग्लोबल रिस्क बने हुए हैं। राज्य स्तर पर पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बनाने की जरूरत है।
भारत में अगले 20-30 साल तक बुल मार्केट रहेगा
रिधम ने बताया कि उन्होंने 2019 में DIIs की खरीदारी की तुलना US से की थी। 1980 से 2000 तक US में बुल मार्केट रहा। 1987 में 1 दिन में डाओ 20 फीसदी गिरा था। 1987 की गिरावट पर भी US में निवेशकों ने पैसा लगाया था। भारत में भी DIIs की खरीदारी का ट्रेंड बना रहेगा। भारत में अगले 20-30 साल तक बुल मार्केट रहेगा। अगले 6 महीने में कई नए IPO आने की उम्मीद है। आज कॉर्पोरेट निवेश GDP की तुलना में 5 फीसदी है। अगले 4-5 साल में इसके 10 फीसदी होने की उम्मीद है। आगे मैन्युफैक्चरिंग समेत सभी सेक्टर में निवेश बढ़ेगा।
कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ रहेगी मजबूत
रिधम ने आगे कहा कि आगे कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ मजबूत रहेगी। कॉरपोरेट निवेश बढ़ने से इंडस्ट्रियल ग्रोथ बढ़ेगी। इंडस्ट्रियल सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ आएगी। डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग में निवेश आएगा। एयरोस्पेस और पैथ लैब सेगमेंट में भी निवेश बढ़ेगा। प्राइवेट सेक्टर में कर्ज तेजी से बढ़ सकता है। चीन और US की तुलना में भारत पर काफी कम कर्ज है। भारत पर GDP का 70 फीसदी कर्ज है। वहीं, US और चीन में कर्ज स्तर GDP का 200 फीसदी हो गया है। अगले 10 साल में भारत का कर्ज GDP का 100 फीसदी होगा। आगे क्रेडिट ग्रोथ 15-16 फीसदी रहने की उम्मीद है।
अगले 2-4 साल में प्राइवेट बैंक में आएगी तेजी
रिधम की राय है कि फाइनेंशियल सेक्टर के वैल्युएशन काफी सस्ते हैं। अगले 2-4 साल में प्राइवेट बैंक में तेजी आएगी। कंजम्प्शन सेक्टर में भी शानदार तेजी की उम्मीद है। अगले 10 साल में कंजम्प्शन ग्रोथ 5 गुना होगा। होटल, टूरिज्म, ज्वेलरी सेगमेंट में भी ग्रोथ आएगी। इस अवधि में 10 करोड़ परिवार मिडिल क्लास में आएंगे। टू-व्हीलर, स्मॉल कार सेगमेंट में अच्छी तेजी की उम्मीद है। टू-व्हीलर में रिप्लेसमेंट डिमांड काफी ज्यादा है।
US में मंदी की आशंका खत्म
रिधम ने कहा कि US में अभी आगे ग्रोथ की उम्मीद है। यहां अब मंदी की आशंका खत्म हो गई है। ऐसे में इंजीनियरिंग और R&D कंपनियों की मांग बढ़ेगी।
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