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PB Fintech Share Price: 4 दिनों में 43% टूटा Policybazaar का शेयर, HDFC MF की खरीदारी भी नहीं भर पाई जोश

Policybazaar Share Price: बीमा नियामक IRDAI ने इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर जो प्रस्ताव पेश किया है, उसका दबाव पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक (PB Fintech) पर आज भी जारी रहा। महज 4 कारोबारी दिनों में यह 43% टूट गया, जिसमें से आज 29 सितंबर को यह 6% टूटकर एक साल निचले स्तर पर आया है। HDFC Mutual Fund की खरीदारी और बर्न्स्टीन के बुलिश रुझान से भी इसे सपोर्ट नहीं मिला। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 29, 2026 पर 1:45 PM
PB Fintech Share Price: 4 दिनों में 43% टूटा Policybazaar का शेयर, HDFC MF की खरीदारी भी नहीं भर पाई जोश
बीमा नियामक IRDAI ने इंश्योरेंस पॉलिसी की बिक्री से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है, जो Policybazaar की PB Fintech पर भारी पड़ गया।

Policybazaar Share Price: पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक (PB Fintech) के शेयरों में आज फिर बिकवाली का दबाव आया और यह 6% से अधिक टूट गया। इस गिरावट के साथ लगातार चार कारोबारी दिनों में यह 43% टूट चुका है, जिसमें से 36% तो यह एक दिन में फिसला था। बीमा नियामक IRDAI के प्रस्ताव का दबाव हल्का नहीं हो पा रहा है। 24 सितंबर को बल्क में इसके शेयरों की एचडीएफसी म्यूचुअल फंड की खरीदारी और ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन का पॉजिटिव रुझान भी इसे संभाल नहीं पा रहा। फिलहाल बीएसई पर यह 4.77% की गिरावट के साथ ₹1096.90 पर है। इंट्रा-डे में यह 6.56% फिसलकर ₹1,076.35 तक आ गया था। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने 24 सितंबर को प्रति शेयर ₹1,282.30 के भाव पर इसके 25 लाख शेयर खरीदे थे।

Policybazaar की PB Fintech पर IRDAI के किस प्रस्ताव से दबाव?

बीमा नियामक इरडा ने इंश्योरेंस पॉलिसी की बिक्री से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है, जो पॉलिसीबाजार की पीबी फिनटेक पर भारी पड़ गया। इसके तहत हेल्थ, मोटर और लाइफ इंश्योरेंस पर कमीशन की लिमिट तय करने की बात है। इरडा के प्रस्तावित फ्रेमवर्क से पॉलिसीबाजार के रेवेन्यू और मुनाफे को झटका लगने की आशंका जताई जा रही है। कंपनी के मैनेजमेंट ने भी संकेत दिया है कि इन प्रस्तावों से कोर रेवेन्यू को करीब 30% तक का झटका लग सकता है और इसका सबसे अधिक असर जनरल इंश्योरेंस पर पड़ेगा। कंपनी इस झटके को कम करने के लिए हायरिंग और मार्केटिंग पर खर्च में सुस्ती के साथ-साथ दूसरे लागतों पर नियंत्रण जैसे तरीकों पर गौर कर रही है।

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