बाजार जानकारों का मानना है कि 10000 करोड़ रुपए के भारतीय लगेज और बैगपैक सेक्टर में अगले 3-5 साल में सालाना आधार पर 15 फीसदी से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल सकती है। सेक्टर को कोविड बाद के दौर में टूर और ट्रैवल में आी तेजी का फायदा मिलेगा। इस सेक्टर को ऑफिसों के फिर से खुलने और ग्राहकों का रुझान गैर-ब्रैंडेड प्रोडक्ट से ब्रैंडेट प्रोडक्ट की ओर शिफ्ट होने का भी फायदा मिलेगा। घरेलू ब्रोकरेज आनंद राठी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगेज और बैकपैक सेक्टर की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2020 के 45 फीसदी से बढ़कर वर्तमान में 56 फीसदी पर आ गई है।
ब्रांडेड कंपनियों की बाजार में बढ़ रही हिस्सेदारी
इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले वर्षों के दौरान इस सेक्टर में गैर-ब्रांडेड खिलाड़ियों का दबदबा था। लेकिन अब ब्रांडेड कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही है और बाजार में ब्रांडेड कंपनियों का दबदबा कायम होता दिख रहा है। बता दें कि कोविड-19 काल में माल समुद्री माल भाड़े में बढ़त और सप्लाई से जुड़ी दूसरी दिक्कतों के चलते गैर-ब्रांडेड खिलाड़ियों के बाहर से सस्ते में माल लाकर भारत में बेचना मुश्किल हो गया जिसका फायदा ब्रांडेड प्रोडक्ट्स को मिला है।
क्या कहती है आनंद राठी की रिपोर्ट?
आनंद राठी का कहना है कि वित्त वर्ष 2015-19 (पूर्व-महामारी) की अवधि में लगेज और बैकपैक सेक्टर में सालना आधार पर 14.2 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। अब आगे इस सेक्टर की सालाना ग्रोथ रेट 15 फीसदी हो सकती है। बता दें कि लगेज सेक्टर को प्रीमियम, मिड-प्रीमियम और मास कैटेगरी में बांटा गया है, इसके बाद बैकपैक्स और हैंडबैग्स आते हैं।
कोविड-19 के चलते 2 साल लंबी सुस्ती के अब टूर और ट्रैवल्स की गतिविधियां जोरदार तेजी के लिए तैयार नजर आ रही हैं। यही इस सेक्टर के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है। कोविड के बाद डोमेस्टिक एयर पैसेंजर टैरिफ में जोरदार बढ़त देखने को मिली है। वर्तमान में ये वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2021 के स्तर को पार कर लिया है और लगभग वित्त वर्ष 2020 के पूर्व-महामारी लेवल को छूने के कगार पर है। अप्रैल 22 से फरवरी 23 के बीच देश में घरेलू हवाई-यात्री यातायात 12.27 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। ये वित्त वर्ष 2022 से 44 फीसदी ज्यादा है।
आनंद राठी की राय है कि लगेज और बैगपैक सेक्टर में सेक्ट का लॉन्ग टर्म आउटलुक काफी मजबूत दिख रहा है। देश में पर्यटन का कारोबार जोप पकड़ रहा है। स्कूल और कार्यालय फिर से खुल गए हैं। इसके अलावा शादियों के सीजन में मांग में तेजी आने की संभावना है।
बताते चलें कि भारतीय लगेज और बैगपैक सेक्टर कुछ थोड़ी सी ही ब्रांडेड कंपनियां है। इस तरह के कम कंपनियों वाले बाजार को ओलिगोपॉली मार्केट ( कुछ कंपनियों के एकाधिकार वाला मार्केट) कहते हैं। भारत में इस सेक्टर में VIP की हिस्सेदारी 43.8 फीसदी, सफारी की हिस्सेदार 24.1 फीसदी और सैमसोनाइट की हिस्सेदार 32 फीसदी के आसपास है।
आनंद राठी ने वीआईपी और सफारी इंडस्ट्रीज पर 'buy' रेटिंग के साथ कवरेज की शुरुआत की है। आनंद राठी का कहना है कि वीआइपी ने मीडियम से प्रीमियम कटेगरी में पैर जमाने के बाद मॉस सेगमेंट में पैर जमाने के लिए ई-कॉमर्स पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी के पास एक बहुत बड़ा वितरण नेटवर्क है जिसका इसको फायदा मिलेगा। आनंद राठी ने इस स्टॉक के लिए 850 रुपये का लक्ष्य रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्टॉक में मौजूदा स्तरों से 42 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
आनंद राठी ने सफारी इंडस्ट्रीज को भी 2750 रुपए के टारगेट के साथ 'buy' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्टॉक में मौजूदा स्तरों से 24 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है।
अपने हाल के ही में एक नोट में ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर ने मास/वैल्यू पोजिशनिंग जैसे कारकों का हवाला देते हुए, सफारी इंडस्ट्रीज पर अपनी 'buy'रेटिंग को बनाए रखा है। बताते चलें कि इस साल अब तक VIP में 12.45 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि Safari ने 31 फीसदी रिटर्न दिया है।
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