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Prestige Estates के शेयरों में 1 अप्रैल को दिख सकता है एक्शन, अपने होटल कारोबार में करेगी 1,625 करोड़ का निवेश

Prestige Estates Share Price: प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने राइट्स इश्यू के जरिए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स लिमिटेड (PHVL) में 1,625.04 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दे दी है। यह निवेश एक या एक से अधिक किश्तों में किया जाएगा। इस निवेश का उद्देश्य PHVL के होटल कारोबार को मजबूत करना है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Mar 31, 2025 पर 9:52 AM
Prestige Estates के शेयरों में 1 अप्रैल को दिख सकता है एक्शन, अपने होटल कारोबार में करेगी 1,625 करोड़ का निवेश
Prestige Estates Share Price: पिछले कारोबारी दिन शुक्रवार 28 मार्च को कंपनी के शेयर एनएसई पर पिछले बंद भाव से 2.16 प्रतिशत गिर कर 1,180 रुपये पर बंद हुए

Prestige Estates Share Price: प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Prestige Estates Projects Ltd) ने राइट्स इश्यू के जरिए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स लिमिटेड (Prestige Hospitality Ventures Ltd (PHVL) में 1,625.04 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दे दी है। यह निवेश एक या एक से अधिक किश्तों में किया जाएगा। इस निवेश का उद्देश्य PHVL के होटल कारोबार को मजबूत करना है। इसका फोकस हॉस्पिटैलिटी बिजनेस के विकास और संचालन पर है। 2017 में बनी कंपनी PHVL ने 31 मार्च, 2024 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए 4,161 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया। चूंकि कंपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, इसलिए लेन-देन को संबंधित-पक्ष सौदे के रूप में वर्गीकृत किया गया है। लेकिन प्रेस्टीज एस्टेट्स ने कहा है कि यह लेन-देन एक दूसरे से अलग तरीके से किया जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके प्रमोटरों की इस लेन-देन में कोई वित्तीय हिस्सेदारी नहीं है।

राइट्स इश्यू 31 मार्च, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। जिसमें शेयर नकद में खरीदे जाएंगे। प्रेस्टीज एस्टेट्स ने आश्वासन दिया है कि इस कदम से PHVL के स्वामित्व ढांचे (ownership structure) में कोई बदलाव नहीं आएगा। हॉस्पिटैलिटी शाखा पूरी तरह से मूल कंपनी के स्वामित्व में रहेगी।

कमजोर रहे थे कंपनी के वित्तीय आंकड़े

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब प्रेस्टीज एस्टेट्स वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफे में 84.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। कंपनी के रेवन्यू में सालाना 7.9 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 1,654.50 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले रेवन्यू 1,795.80 करोड़ रुपये था। हालांकि, EBITDA 7 प्रतिशत बढ़कर 590.10 करोड़ रुपये हो गया। जबकि मार्जिन 30.7 प्रतिशत से बढ़कर 35.7 प्रतिशत हो गई।

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