RIL Q2 Preview: नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 12% बढ़त की उम्मीद, रिटेल और टेलीकॉम में भी दिखेगी तेजी

सितंबर तिमाही में कंपनी के रिटेल कारोबार में फेस्टिव डिमांड में जोरदार बढ़त के चलते बिक्री में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है

अपडेटेड Oct 21, 2022 पर 11:49 AM
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जानकारों का कहना है कि कंपनी के एनर्जी कारोबार में अच्छी ग्रोथ की वजह से कंपनी की आय को सहारा मिलेगा। इस अवधि में कंपनी की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन और डिमांड में भी बढ़त की संभावना है

ऑयल रिफाइनिंग से लेकर रिटेल तक तमाम सेक्टरों में कारोबार करने वाली देश की दिग्गज कंपनी आरआईएल के नतीजे आज यानी 21 सितंबर को आने वाले हैं। मनीकंट्रोल की तरफ से ब्रेकरों के बीच कराए गए पोल से निकल कर आया है कि 30 सितंबर 2022 को खत्म हुए हफ्ते में कंपनी के कंसोलीडेटेड नेट मुनाफे में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

मनीकंट्रोल की तरफ से 6 ब्रोकरों के बीच कराए गए पोल से निकल कर आया है कि सितंबर तिमाही में कंपनी को मुनाफे में सालाना आधार पर 12 फीसदी की बढ़त हो सकती है और ये 15263 करोड़ रुपए पर रह सकता है। वहीं इस अवधि में कंपनी का कंसोलीडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 34 फीसदी की बढ़त के साथ 2.25 लाख करोड़ रुपए रह सकता है।

बाजार जानकारों का कहना है कि कंपनी के एनर्जी कारोबार में अच्छी ग्रोथ की वजह से कंपनी की आय को सहारा मिलेगा। इस अवधि में कंपनी की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन और डिमांड में भी बढ़त की संभावना है। कंपनी के टेलीकॉम और रिटेल बिजनेस में तेजी के चलते सालाना आधार पर कंपनी की कमाई में बढ़त की संभावना है।


इस पोल से ये भी निकल कर आया है कि सितंबर तिमाही में कंपनी के रिटेल कारोबार में फेस्टिव डिमांड में जोरदार बढ़त के चलते बिक्री में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

कंपनी के एनर्जी कारोबार पर एनालिस्ट का कहना है कि आरआईएल के ऑयल टू केमिकल कारोबार के प्रदर्शन में सालाना आधार पर मजबूती देखने को मिलेगी लेकिन ग्लोबल जीआरएम (gross refining margins) में गिरावट के चलते तिमाही आधार पर इसमें कमजोरी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा सरकार की तरफ से रिफाइंनिंग प्रोडक्ट्स पर ए़डीशनल ड्यूटी लगाए जाने की वजह से भी तीमाही आधार पर एनर्जी पर दबाव देखने को मिल सकता है।

Morgan Stanley का कहना है कि पिछली तिमाही में एनर्जी मार्केट काफी वोलेटाइल रहा है। इसके साथ ही विंडफॉल टैक्स ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बतातें चलें कि Morgan Stanley ने आरआईएल को ‘overweight’दी है। मार्गेन स्टेनली ने कहा है कि आरआईएल रिफाइनरी शटडाउन और विंडफॉल टैक्स के चलते आरआईएल की आय में तीमाही आधार पर कमजोरी देखने को मिल सकती है।

IIFL Securities का कहना है कि सितंबर तिमाही में आरआईएल के रिटेल सेगमेंट की बिक्रा में सालाना आधार पर 36 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं, कोर मार्जिन में 7.5 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

एनालिस्ट्स का कहना है कि सितंबर तिमाही में कंपनी के टेलीकॉम कारोबार में टैरिफ में बढ़त और नए कस्टमर जुड़ने से तिमाही आधार पर 3-5 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। Reliance Jio के ARPU में तिमाही आधार पर 1.9 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। बता दें कि जून तिमाही में Reliance Jio की ARPU 176 रुपए रही थी।

 

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