Banking Sector Jobs: प्राइवेट बैंक घटा रहे कर्मचारी, AI और टेक्नोलॉजी से बढ़ी प्रोडक्टविटी

Banking Sector Jobs: देश के बड़े प्राइवेट बैंक AI और टेक्नोलॉजी के जरिए कम कर्मचारियों में ज्यादा काम कर रहे हैं। HDFC, Axis और ICICI जैसे बैंकों में स्टाफ घटा है, जबकि ब्रांच बढ़ रही हैं। आने वाले समय में बैंकिंग नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Apr 27, 2026 पर 9:12 PM
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बैंकों में टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से बड़ा बदलाव हो रहा है।

Banking Sector Jobs: देश के बड़े प्राइवेट बैंक अब 'एम्प्लॉयी ऑप्टिमाइजेशन' की तरफ बढ़ रहे हैं, यानी कम लोगों के साथ ज्यादा काम करने की रणनीति। टेक्नोलॉजी और AI के बढ़ते इस्तेमाल से कई काम ऑटोमेट हो रहे हैं। इससे बैंक कम स्टाफ के साथ भी ज्यादा ब्रांच चला पा रहे हैं।

बड़े बैंकों में कर्मचारियों की संख्या घटी

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, HDFC Bank के कर्मचारियों की संख्या FY26 के अंत में घटकर 2.11 लाख रह गई, जो पिछले साल 2.14 लाख थी। मार्च तिमाही में ही करीब 4,000 कर्मचारी घटे हैं। Axis Bank में भी कर्मचारियों की संख्या घटकर 1.01 लाख रह गई। यह पिछले साल 1.04 लाख थी।


मिड-साइज RBL Bank में FY26 में 13,316 कर्मचारी रहे। FY25 में यह संख्या 14,265 थी। खास बात यह है कि पिछले करीब 10 साल में पहली बार इस बैंक में कर्मचारियों की संख्या घटी है। ICICI Bank में भी गिरावट देखने को मिली। FY25 के आंकड़ों के मुताबिक, कर्मचारियों की संख्या 1.30 लाख रही, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 6,000 कम है।

हालांकि सभी बैंकों में गिरावट नहीं आई है। Yes Bank में कर्मचारियों की संख्या थोड़ी बढ़ी है। FY25 में 28,687 के मुकाबले FY26 में यह बढ़कर 29,573 हो गई।

ब्रांच बढ़ीं, लेकिन स्टाफ कम हुआ

दिलचस्प बात यह है कि कर्मचारियों की संख्या घटने के बावजूद बैंक लगातार अपनी ब्रांच बढ़ा रहे हैं।

  • Axis Bank ने FY26 में करीब 400 नई ब्रांच जोड़ीं, जिससे कुल संख्या 6,275 हो गई।
  • ICICI Bank ने करीब 600 नई ब्रांच जोड़कर नेटवर्क 7,511 तक पहुंचाया।
  • HDFC Bank ने 234 नई ब्रांच जोड़कर कुल संख्या 9,689 कर दी।

कर्मचारियों की संख्या घटने की वजह

बैंकों में टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से बड़ा बदलाव हो रहा है। AI और ऑटोमेशन के जरिए कई काम अब पहले से ज्यादा तेजी से और कम लोगों में हो रहे हैं। इससे कुछ पारंपरिक भूमिकाओं की जरूरत कम हो रही है और बैंक कम कर्मचारियों के साथ काम चला पा रहे हैं।

AI का असर अभी पूरी तरह नहीं दिखा

Axis Bank का कहना है कि टेक्नोलॉजी में निवेश और बेहतर प्रोडक्टिविटी के कारण कुछ रोल्स अब जरूरी नहीं रह गए हैं। हालांकि, अभी AI का पूरा असर नहीं दिखा है। आने वाले समय में जब AI का इस्तेमाल और बढ़ेगा, तो कर्मचारियों की संख्या पर इसका असर और ज्यादा दिख सकता है।

Axis Bank के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुब्रत मोहंती के मुताबिक, टेक्नोलॉजी में किए गए निवेश अब प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। FY26 में बैंक का करीब 10% ऑपरेटिंग खर्च टेक्नोलॉजी पर हुआ।

HDFC Bank का टेक फोकस

HDFC Bank ने भी कहा है कि उसने पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी पर काफी निवेश किया है। बैंक का टेक निवेश बढ़कर करीब 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। बैंक खुद को 'टेक्नोलॉजी-फर्स्ट' संस्था के तौर पर तैयार कर रहा है, जहां डिजिटल सर्विस और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर फोकस है।

तेजा से बदल रहा बैंकिंग सेक्टर

बैंकिंग सेक्टर में काफी तेजी से बदलाव हो रहा है। अब फोकस ज्यादा टेक्नोलॉजी और डिजिटल सिस्टम पर है। इसके चलते कम लोगों के साथ ज्यादा काम किया जा रहा है। आने वाले समय में AI इस बदलाव को और तेज कर सकता है। इससे बैंकिंग नौकरियों का स्वरूप भी बदल सकता है।

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