Protean eGov Technologies: बीते 6 महीनों में स्टॉक 48% फिसला, क्या अभी इनवेस्ट करने से होगी तगड़ी कमाई?

Protean eGov Technologies: जून तिमाही में प्रोटीन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर सिर्फ 7 फीसदी बढ़ा। हालांकि, पेंशन सर्विसेज की ग्रोथ अच्छी बनी रही। टैक्स सर्विसेज की ग्रोथ भी कमजोर रही। जून तिमाही में प्रोटीन को बीमा सुगम से 100 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिला

अपडेटेड Aug 13, 2025 पर 12:00 PM
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यह स्टॉक 2,225 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई से 65 फीसदी क्रैश कर चुका है।
     
     
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    प्रोटीन ईगवर्नेंस टेक्नोलॉजीज का शेयर बीते छह महीनों में 48 फीसदी से ज्यादा टूटा है। इसकी बड़ी वजह यह खबर थी कि पैन 2.0 प्रोजेक्ट के लिए कंपनी के नाम पर विचार नहीं किया गया। यह स्टॉक 2,225 रुपये के अपने ऑल-टाइम हाई से 65 फीसदी क्रैश कर चुका है। अब इसमें इसके 52 हफ्ते के निचले स्टर पर ट्रेडिंग हो रही है। सवाल है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?

    पैन 2.0 प्रोजेक्ट नहीं मिलने का असर बिजनेस पर पड़ेगा

    Income Tax Department का PAN 2.0 प्रोजेक्ट एलटीआई माइंडट्री को मिला है। इसके 18 महीनों में पूरा हो जाने की उम्मीद है। PAN 2.0 प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पैन इश्यू करने का पूरा प्रोसेस एक जगह आ जाएगा। इसका असर प्रोटीन के बिजनेस पर पड़ने की आशंका है। अभी Protean के रेवेन्यू में टैक्स सर्विसेज की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है। प्रोटीन के मैनेजमेंट का कहना है कि पैन 2.0 शुरू होने के बाद भी प्रोटीन का रोल खत्म नहीं होगा। इसकी कुछ वजहें हैं। अब भी पैन के करीब 50-70 फीसदी अप्लिकेशंस असिस्टेड चैनल्स के जरिए आते हैं।


    मीडियम टर्म के लिए कंपनी के लिए रिस्क बढ़ा

    प्रोटीन के मैनेजमेंट का कहना है कि अप्लिकेंट्स डॉक्युमेंट्स की ऑनलाइन प्रोसेसिंग के वास्ते KYC (नो योर कस्टमर) डॉक्युमेंट्स सब्मिट करने के लिए एजेंट्स के पास जाते हैं या सेंटर्स विजिट करते हैं। ग्राहकों की इस आदत में धीरे-धीरे बदलाव आएगा। हां, यह सही है कि 18 महीनों बाद पैन 2.0 प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद स्थिति बदल सकती है। पैन 2.0 प्रोजेक्ट नहीं मिलने से प्रोटीन के लिए मीडियम टर्म में रिस्क बढ़ गया है।

    जून तिमाही में प्रदर्शन कमजोर

    जून तिमाही में प्रोटीन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर सिर्फ 7 फीसदी बढ़ा। हालांकि, पेंशन सर्विसेज की ग्रोथ अच्छी बनी रही। टैक्स सर्विसेज की ग्रोथ भी कमजोर रही। प्राइसिंग प्रेशर की वजह से आइडेंटिटी सर्विसेज का प्रदर्शन काफी खराब रहा। न्यू बिजनेस वर्टिकल्स का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसमें इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स, डेटा स्टैक, ओपन डिजिटल ईकोसिस्टम आते हैं। अगले 2-3 सालों में कंपनी की कुल रेवेन्यू में नए बिजनेसेज की हिस्सेदारी बढ़कर 25 फीसदी पहुंच जाने का अनुमान है।

    कंपनी के पास 800 करोड़ रुपये का कैश

    जून तिमाही में प्रोटीन को बीमा सुगम से 100 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिला। इसके तहत कंपनी इंश्योरेंस स्पेस में एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी। यह इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के लिए पूरे देश में एक मार्केटप्लेस के रूप में काम करेगा। तेज गिरावट के बाद प्रोटीन के शेयरों में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के 34 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह वैल्यूएशन सही दिख रहा है, क्योंकि प्रोटीन एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल वाली कंपनी है। मुनाफा कमाने और कैश जेनरेशन के लिहाज से इसका अच्छा रिकॉर्ड रहा है। इस साल जून के अंत में कंपनी के पास 800 करोड़ रुपये कैश था।

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    क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

    इंडिया में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर दांव लगाने के लिहाज से Protean का स्टॉक सही है। हालांकि, कंपनी के लिए अनटेस्टेड प्रोडक्ट्स से जुड़ी अनिश्चितता, अनप्रूवेन मार्केट और एग्जिक्यूशन से जुड़े रिस्क हैं। डिजिटल इकोनॉमी में अच्छी ग्रोथ और बढ़ते ट्रांजेक्शन का फायदा कंपनी के नए बिजनेस वर्टिकल्स को मिल सकता है। लेकिन, कंपनी के मुनाफा में इसका कंट्रिब्यूशन धीरे-धीरे बढ़ेगा। प्रोटीन के स्टॉक के शॉर्ट टर्म में री-रेटिंग की उम्मीद नहीं दिख रही है। ऐसे में इनवेस्टर्स फिलहाल इस स्टॉक से दूरी बनाए रख सकते हैं।

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