Railway Stocks : रेलवे की 1 लाख वैगन के लिए टेंडर निकालने की योजना, इन शेयरों को लगे पंख, क्या हैं आपके पास?

Railway Stocks : भारतीय रेलवे अगले तीन से चार सालों में 1 लाख मालगाड़ी के डिब्बे खरीदने के लिए जल्द ही 40,000 करोड़ रुपये का एक बड़ा टेंडर जारी कर सकता है। प्रस्तावित टेंडर के 2022 में वैगनों की खरीद के लिए जारी किए गए पिछले बड़े टेंडर से थोड़ा बड़ा होने की उम्मीद है। 2022 में एक लाख वैगन के लिए टेंडर निकाला गया था

अपडेटेड May 25, 2026 पर 5:29 PM
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Railway Stocks: इंडियन रेलवे इस समय वैगन बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है,ताकि वैगन सप्लाई करने की उनकी क्षमता का आकलन किया जा सके। यह बातचीत पूरी होने के बाद इंडियन रेलवे अलग-अलग चरणों में टेंडर जारी करेगा

Railway Stocks :आज रेलवे शेयरों में अच्छी रफ्तार देखने को मिली। दरअसल,रेलवे ने एक लाख वैगन के लिए टेंडर निकालने की योजना बनाई है। इस टेंडर से कई कंपनियों को फायदा मिलेगा। इसी के चलते आज इन शेयरों में जोरदार तेजी आई है। टीटागढ़ रेल (TITAGARH RAIL SYSTEMS) का शेयर आज 74.80 रुपए यानी 9.88 फीसदी की तेजी लेकर 832.10 रुपए के स्तर पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 840 रुपए है।

जुपिटर वैगन्स के शेयर में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है। यह शेयर आज 19.35 रुपए यानी 6.99 फीसदी की बढ़त के साथ 296.30 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 303.90 रुपए है। टेक्समैको रेल (Texmaco Rail) का शेयर भी 5.07 रुपए यानी 4.69 फीसदी की बढ़त के साथ 113.28 रुपए पर बंद हुआ है।

यह तेजी एक रिपोर्ट के बाद आई जिसमें कहा गया था कि भारतीय रेलवे अगले तीन से चार सालों में 1 लाख मालगाड़ी के डिब्बे (freight wagons) खरीदने के लिए जल्द ही 40,000 करोड़ रुपये का एक बड़ा टेंडर जारी कर सकता है। प्रस्तावित टेंडर के 2022 में वैगनों की खरीद के लिए जारी किए गए पिछले बड़े टेंडर से थोड़ा बड़ा होने की उम्मीद है। 2022 में एक लाख वैगन के लिए टेंडर निकाला गया था। इस टेंडर के तहत सालाना 35,000–40,000 वैगनों की खरीद हो सकती है। वैगन के ऑर्डर का पहला सेट संभवतः मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में जारी किया जाएगा। ऑर्डर के लिए 3 से 4 साल डिलीवरी टाइमलाइन संभव है।


रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इंडियन रेलवे इस समय वैगन बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है,ताकि वैगन सप्लाई करने की उनकी क्षमता का आकलन किया जा सके। यह बातचीत पूरी होने के बाद इंडियन रेलवे अलग-अलग चरणों में टेंडर जारी करेगा।

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुदीप्त मुखर्जी ने कहा कि इंडस्ट्री ने पिछले इंडियन रेलवे वैगन टेंडर के तहत मिले ऑर्डर पूरे कर रही है। ज्यादा लंबी अवधि वाले नए ऑर्डर से घरेलू वैगन इंडस्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम कर पाएगी और अपनी प्रोडक्शन लाइनों का कामकाज जारी रख पाएगी। बता दें कि टेक्समैको रेल मालगाड़ी के वैगन,कोच और लोकोमोटिव बनाती है।

उन्होंने आगे कहा कि रेलवे द्वारा अपने पिछले टेंडर के तहत सालाना वैगन खरीद का एक तिहाई (या लगभग 11,000 वैगन) कोलकाता स्थित टेक्समैको द्वारा सप्लाई किया गया था, जिसकी सालाना 15,000 से ज़्यादा वैगन बनाने की क्षमता है।

वैगन और कोच बनाने वाली कंपनियों पर एक नजर

टीटागढ़ रेल वैगन और कोच बनाने वाली देश की जानी-मानी कंपनी है। वैगन मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में इसका 25 फीसदी मार्केट शेयर है। जुपिटर वैगन्स भी देश की बड़ी वैगन्स सप्लायर और मैन्युफैक्चरर है। रेलवे वैगन्स से इसकी 87 फीसदी कमाई होती है।

 

 

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