RBI के झटके से कांपे शेयर, 5% टूट गए IIFL Finance और JM Financial

इस महीने की शुरुआत में RBI ने IIFL Finance को गोल्ड लोन बांटने पर तत्काल रोक लगा दिया। इसके एक दिन बाद JM Financial पर भी RBI ने तत्काल लोन बांटने पर रोक लगा दिया। अब केंद्रीय बैंक ने एक और झटका दिया है जिसके चलते आज इनके शेयर 5% टूट गए। जानिए क्या है पूरा मामला और ब्रोकरेज फर्मों का क्या कहना है?

अपडेटेड Mar 26, 2024 पर 3:46 PM
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केंद्रीय बैंक RBI के झटके पर आज आईआईएफएल फाइनेंस (IIFL Finance) और जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) के शेयर 5 फीसदी से अधिक टूट गए।
     
     
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    केंद्रीय बैंक RBI के झटके पर आज आईआईएफएल फाइनेंस (IIFL Finance) और जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) के शेयर 5 फीसदी से अधिक टूट गए। RBI ने ऐलान किया है कि वह इन दोनों कंपनियों के खातों का स्पेशल ऑडिट कराएगा। इसके चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ी और शेयर धड़ाम से गिर गए। IIFL फाइनेंस की बात करें तो इसके शेयर इंट्रा-डे में BSE पर 5.52 फीसदी टूटकर 315.80 रुपये पर आ गए। आज यह 3.84 फीसदी की कमजोरी के साथ 321.40 रुपये के भाव (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ है। वहीं जेएम फाइनेंशियल के शेयर 4.30 फीसदी फिसलकर इंट्रा-डे में 70.95 रुपये पर आ गए। दिन के आखिरी में यह 2.62 फीसदी की गिरावट के साथ 72.20 रुपये के भाव (JM Financial Share Price) पर बंद हुआ है।

    IIFL Finance और JM Financial में बना हुआ है दबाव

    इस महीने की शुरुआत में RBI ने आईआईएफएल फाइनेंस के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में सुपरवाइजरी से जुड़ा मुद्दा उठाया था और फिर केंद्रीय बैंक ने इसे गोल्ड लोन बांटने पर तत्काल रोक लगा दिया। इसके एक दिन बाद जेएम फाइनेंशियल पर भी RBI ने तत्काल शेयर और डिबेंचर गिरवी रखकर लोन बांटने पर रोक लगा दिया। अब आरबीआई ने इन दोनों कंपनियों के खातों की विशेष जांच के लिए दो अलग-अलग टेंडर निकाले हैं। इसके लिए 8 अप्रैल तक बिड दाखिल की जा सकती है और ऑडिटर्स को ऑडिटिंग का काम 12 अप्रैल तक सौंपा जा सकता है।


    केपीएमजी इंडिया के संजय दोशी ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा कि RBI के विशेष ऑडिट में चार से छह हफ्ते लग सकते हैं। इसके चलते प्रक्रियाएं कड़ी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आरबीआई यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गोल्ड लोन में कोई गड़बड़ी न हो और यह ओवरलेवरेज और लोन एवरग्रीनिंग लगातार लोन को बनाए रखने की प्रवृत्ति को रोकना चाहता है। EY इंडिया के एबिजर दीवानजी का भी कहना है कि आरबीआई ने जो कदम उठाया है, वह एक तरह से पैसों के इस्तेमाल को अंधेरे से बाहर लाना है यानी कि कि सबसे बड़ा मुद्दा फिलहाल क्रेडिट फ्लो का है जिसमें इसका इस्तेमाल किस तरीके से हुआ, यह नहीं पता लगाया जा सकता।

    ब्रोकरेज का क्या है रुझान

    घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना कि अगर प्रतिबंध लंबे समय तक लागू रहे तो गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में तेज गिरावट और एंप्लॉयीज के नौकरी छोड़ने की संभावना है। इससे IIFL फाइनेंस की छवि को भी नुकसान हो सकता है, जिसके चलते इसे अपने ब्रांड में फिर से भरोसा बनाने के लिए नया निवेश करना करना पड़ सकता है।

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