RBI Monetary Policy: रेपो रेट 5.50% पर बरकरार, आरबीआई की MPC बैठक में हुए ये 7 बड़े ऐलान

RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने अपनी बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव करने का फैसला नहीं किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार 6 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया रेपो रेट को 5.5% पर ही बनाए रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही कमेटी ने अपनी पॉलिसी रुख को भी "न्यूट्रेल" बनाए रखा है। कमेटी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया

अपडेटेड Aug 06, 2025 पर 11:34 AM
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RBI Monetary Policy: कमेटी ने अपनी पॉलिसी रुख को भी "न्यूट्रल" बनाए रखा है

RBI Monetary Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के बैठक के नतीजे सामने आ गए हैं। बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला नहीं लिया गया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार 6 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया रेपो रेट को 5.5% पर ही बनाए रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही कमेटी ने अपनी पॉलिसी रुख को भी "न्यूट्रल" बनाए रखा है। कमेटी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया।

आइए RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के 7 बड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं-

1. रेपो रेट 5.5% पर बरकरार

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.5% पर स्थिर रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही पॉलिसी स्टांस भी 'न्यूट्रल' रखा गया है। बता दें कि साल 2025 में अब तक RBI ने रेपो रेट में 100 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती कर दी है। जून 2025 की पिछली बैठक में भी 50 bps की बड़ी कटौती देखने को मिली थी।


बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है जिस पर कमर्शियल बैंक RBI से शॉर्ट-टर्म कर्ज लेते हैं। इसका सीधा असर होम लोन, ऑटो लोन समेत खुदरा कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ता है। चूंकि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में होन लोन समेत बाकी लोन की दरों या EMI पर इस बार कोई असर नही पड़ने की उम्मीद है।

2. FY26 के लिए महंगाई अनुमान घटाया गया

RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारिक महंगाई दर के अनुमानों को 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा, "सब्जियों जैसी वस्तुओं में कीमतों की नरमी और फूड इंफ्लेशन में गिरावट के चलते महंगाई काबू में है। हालांकि, FY26 की अंतिम तिमाही से यह फिर से बढ़ सकती है।"

वित्त वर्ष 2026 के लिए नए महंगाई दर अनुमान इस तरह हैं:

  • सितंबर तिमाही: 2.1% (पहले 3.7%)
  • दिसंबर तिमाही : 3.1% (पहले 3.9%)
  • मार्च तिमाही: 4.4% (कोई बदलाव नहीं)
  • वित्त वर्ष 2027 की जून तिमाही: 4.9%

3. GDP ग्रोथ अनुमान 6.5% पर बरकरार

RBI ने मौजूदा वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत के GDP ग्रोथ अनुमान को 6.5% पर बरकरार रखा है। गवर्नर ने कहा, "घरेलू इकोनॉमी RBI की उम्मीदों के मुताबिक आगे बढ़ रही है, हालांकि मई-जून के हाई फ्रिक्वेंसी डेटा में कुछ मिला-जुला रुझान दिखा।"

4. अब SIP के जरिए T-Bills में पैसा लगा सकेंगे छोटे निवेशक

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने छोटे निवेशकों को एक बड़ी सुविधा देते हुए अब Retail Direct प्लेटफॉर्म पर SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए T-Bills यानी ट्रेजरी बिल्स में निवेश की सुविधा शुरू कर दी है। इसका मतलब यह है कि अब आम निवेशक भी छोटे-छोटे मासिक अमाउंट के जरिए सरकारी बॉन्ड्स में सुरक्षित निवेश कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो निवेश की शुरुआत कम रिस्क से करना चाहते हैं।

5. ट्रंप के टैरिफ ने डाला दबाव, RBI रख रही है नजर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय एक्सपोर्टपर 25% टैरिफ और रूस से ऑयल खरीद पर 'सख्त कदम' उठाने की चेतावनी दी है। RBI ने ट्रंप के टैरिफ अनिश्चतताओं से थोड़ी चिंता बढ़ी है। RBI ने कहा कि इस मुद्दे पर वह सरकार और अमेरिकी अधिकारियों के बीच चल रही बातचीत पर नजर रखे हुए है। पॉलिसी को तय करने में जल्दबाजी नहीं की जाएगी।

6. मृतक खाताधारकों के बैंक खाते और लॉकर के निपटारे की प्रक्रिया होगी आसान

RBI ने ऐलान किया है कि वह मृत खाताधारकों के बैंक खातों और लॉकरों के दावे के निपटारे के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया लाने जा रहा है। इससे ग्राहकों के परिजनों को क्लेम में आसानी होगी और अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।

7. सिस्टम में ₹3 लाख करोड़ की लिक्विडिटी

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा सिस्टम में औसतन 3 लाख करोड़ की रुपए का डेली लिक्विडिटी सरप्लस है। यह मई-जून के ₹1.6 लाख करोड़ के औसत से काफी ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली बैठक के बाद की गई 100 बेसिस प्वाइंट CRR कटौती से लिक्विडिटी और सुधरेगी।

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