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RBL Bank को झटका, RBI और सरकार ने नहीं मानी बात तो टूटे शेयर

RBL Bank Shares: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज बैंक आरबीएल बैंक ने आरबीआई और सरकार से खास मंजूरी मांगी थी। हालांकि इसकी याचिका खारिज हो गई तो इसके शेयर आज दबाव में आ गए। जानिए आरबीएल बैंक ने क्या मंजूरी मांगी थी जो ना मिलने पर शेयरों को झटका लग गया?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 01, 2026 पर 4:57 PM
RBL Bank को झटका, RBI और सरकार ने नहीं मानी बात तो टूटे शेयर
RBL Bank ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और भारत सरकार के पास विदेशी निवेशकों की अधिकतम हिस्सेदारी को अस्थायी तौर पर 24% पर फिक्स करने को कहा था। हालांकि इस याचिका पर बैंक को मौजूदा नियामकीय ढांचे के तहत मंजूरी नहीं मिली।

RBL Bank Shares: आरबीएल बैंक ने विदेशी शेयरहोल्डिंग पर कैप लगाने को लेकर आरबीआई और भारत सरकार से मांग की थी लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिली। इसका आज बैंक के शेयरों पर झटका दिखा। हालांकि निचले स्तर पर खरीदारी के चलते शेयरों ने पूरी रिकवरी कर ली। आज दिन के आखिरी में बीएसई पर यह ₹315.65 पर एकदम फ्लैट बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 1.50% टूटकर ₹310.90 तक आ गया था। वहीं दूसरी तरफ 13 दिग्गज बैंकों के निफ्टी इंडेक्स निफ्टी बैंक (Nifty Bank) में तेजी दिखी और यह ग्रीन जोन में है। निफ्टी बैंक के 8 स्टॉक्स ग्रीन जोन में आज बंद हुए हैं।

RBL Bank की कौन-सी याचिका हुई खारिज?

आरबीएल बैंक ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और भारत सरकार के पास विदेशी निवेशकों की अधिकतम हिस्सेदारी को अस्थायी तौर पर 24% पर फिक्स करने को कहा था। हालांकि इस याचिका पर बैंक को मौजूदा नियामकीय ढांचे के तहत मंजूरी नहीं मिली। बैंक ने मुख्य रूप से एमिरेट्स एनबीडी (Emirates NBD) के साथ प्रस्तावित लेन-देन को लेकर विदेशी निवेश को मैनेज करने के लिए ही यह मंजूरी मांगी थी। बैंक का स्पष्ट रूप से कहना है कि विदेशी होल्डिंग से जुड़े किसी नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है बल्कि एहतियात यानी प्रीकॉशन के तौर पर इस मंजूरी की मांग की गई थी।

मौजूदा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से एमेरिट्स एनबीडी के पास अभी भी विदेशी शेयरहोल्डिंग को बढ़ाने के लिए पर्याप्त गुंजाइश है। इसका मतलब है कि सभी नियामकीय जरूरतों और अन्य शर्तों को पूरा करने पर एमिरेट्स एनबीडी की आरबीएल बैंक में कम से कम 51% हिस्सेदारी हो सकती है। बैंक का कहना है कि एमिरेट्स एनबीडी के साथ प्रस्तावित सौदे पर याचिका के चलते कोई असर नहीं पड़ेगा।

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