रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल में हुई एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में अलग-अलग बिजनेसेज में अपनी लीडरशिप पॉजिशन बनाए रखने की रणनीति के बारे में बताया। कंपनी एनर्जी, रिटेल और टेलीकॉम से लेकर मीडिया तक के बिजनेस में है। कंपनी ने बिजनेस की ग्रोथ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का पूरा इस्तेमाल करने के प्लान के बारे में बताया। कंपनी के रिटेल बिजनेस का आकार अगले 3-4 साल में दोगुना हो जाने की उम्मीद है। इसकी कई वजहें हैं। रिटेल बिजनेस का नेटवर्क काफी बड़ा है। रिटेल बिजनेस के पास कई बड़े ब्रांड्स हैं। साथ ही कंपनी टेक्नोलॉजी का पूरा इस्तेमाल कर रही है।
रिलायंस जियो के रेवेन्यू और EBITDA में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ
Reliance Jio का सब्सक्राइबर बेस बढ़ रहा है। इसके पास व्यापक 5G सर्विसेज का नेटवर्क है। डिजिटल सर्विसेज के जरिए रिलायंस जियो रेवेन्यू के स्रोत बढ़ा रही है। इससे टेलीकॉम बिजनेस डबल रेवेन्यू और EBITDA की तरफ मजबूती से बढ़ रहा है। मीडिया बिजनेस की रेवेन्यू में अब तक बड़ी हिस्सेदारी नहीं रही है, लेकिन यह स्पोर्ट्स, न्यूज और एंटरटेनमेंट सेगमेंट में ग्रोथ हासिल कर रहा है।
न्यू एनर्जी बिजनेस अगले 5-7 साल में ऊंचाई पर होगा
जहां तक ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस की बात है तो इसे अगले दशक में ईंधन और पेट्रोकेमिकल्स की बढ़ती मांग का फायदा मिलेगा। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे पुराना बिजनेस है। यह बिजनेस कंपनी के लिए दुधारू गाय रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में नई सोच और नई टेक्नोलॉजी के जरिए एनर्जी बिजनेस में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Reliance Industries के मुताबिक, अगले 5-7 साल में एनर्जी बिजनेस के पास O2C बिजनेस जितना बड़ा और प्रॉफिटेबल बनने की क्षमता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए संभावनाएं
सवाल है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के इन बिजनेसेज के रोडमैप का शेयरधारकों के लिए क्या मतलब है? मनीकंट्रोल ने यह जानने की कोशिश की है कि एजीएम में कंपनी ने जो गाइडेंस पेश किए, उनका डेटा में निवेशकों के लिए क्या मतलब निकलता है। FY26 की अनुमानित अर्निंग्स (एजीएम में रोडमैप से पहले) के आधार पर RIL के अलग-अलग बिजनेसेज की वैल्यूएशन को जोड़ने पर कंपनी की फेयर वैल्यू 22 लाख करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा आती है। इसका मतलब है कि RIL के शेयरों में मौजूदा लेवल से ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है।
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RIL के गाइडेंस का शेयरधारकों के लिए मतलब
लेकिन, अगर हम FY27 की अनुमानित अर्निंग्स की बात करें और एजीएम में टेलीकॉम, रिटेल और न्यू एनर्जी बिजनेस के गाइडेंस को ध्यान में रखें तो कंपनी की फेयर वैल्यू बढ़कर 28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। इसका मतलब है कि मीडियम टर्म में RIL के शेयरों में अच्छी तेजी की संभावना है। हालांकि, एजीएम के ऐलान के मुताबिक, RIL के शेयरधारकों को 1:1 बोनस मिलेगा, लेकिन असल बोनस अभी आने वाला है। निवेशकों को इस पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, क्योंकि कंपनी अपने प्लान को पूरा करने के रास्ते पर बढ़ रही है।