Religare Money Laundering Case : ED ने रेलिगेयर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रेलीगेयर एंटरप्राइजेज (Religare Enterprises) के पूर्व प्रोमोटर्स पर शिकंजा कसा है। ED की विशेष कोर्ट ने कंपनी की पूर्व कार्यकारी चेयरपर्सन रश्मि सलूजा समेत 5 लोगों के खिलाफ समन जारी किया है। इसके अलावा पूर्व प्रेसिडेंट निशांत सिंघल, पूर्व CFO नितिन अग्रवाल को भी कोर्ट ने समन भेज कर तलब किया है। वैभव गवली और प्रताप वेणुगोपाल को भी कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। इन सभी को 11 जून को ED की विशेष कोर्ट में पेश होना होगा। रश्मि सलूजा समेत 5 अन्य पर करीब 180 करोड़ रुपए के ESOP घोटाले का आरोप है। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) का आरोप है कि बर्मन परिवार के कॉर्पोरेट अधिग्रहण (Corporate Takeover) में बाधा डालने के लिए ESOP से जुड़ी 179.54 करोड़ रुपए की साजिश रची गई थी।
यह एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की जांच में आया एक बड़ा मोड़ है। इस मामले में ED कंपनी की एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी केयर हेल्थ इंश्योरेंस (Care Health Insurance) के ESOPs से जुड़े ₹179.54 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की जा रही है।
जिसमें Care Health Insurance, जो कि कंपनी की एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी है, के ESOPs से जुड़े ₹179.54 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की जा रही है। ED की विशेष कोर्ट के स्पेशल जज आर.बी. रोटे की कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के पर्याप्त सबूत हैं और उन्हें 11 जून, 2026 तक व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना होगा।
इस रेगुलेटरी एक्शन के सेंटर में कॉरपोरेट जगत में होने वाली गड़बड़ियों का एक जटिल जाल है। ईडी की जांच से पता चलता है कि आरोपियों ने खासकर रश्मि सलूजा के पक्ष में ESOP अलॉटमेंट पर रेगुलेटरी आपत्तियों को दूर करने के लिए अनधिकृत कानूनी राय ली थी। इसके अलावा,ईडी का यह भी कहना है कि यह योजना बर्मन परिवार के अधिग्रहण के प्रयास को विफल करने के प्रयास का हिस्सा थी। ED का आरोप है कि 2023 और 2025 के बीच हुए इस कॉर्पोरेट पावर स्ट्रगल के दौरान बर्मन परिवार के सदस्यों के खिलाफ फर्जी आपराधिक शिकायतें दर्ज कराने के लिए थर्ड-पार्टी को पैसे के प्रलोभन दिए गए थे।
रेलीगेयर एंटरप्राइजेज में चल रहा कानूनी और रेगुलेटरी विवाद कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग योजना के लिए बड़ा जोखिम बन गया है। इस मनी लॉन्ड्रिंग समन के अलावा,कंपनी के पूर्व नेतृत्व को हाल ही में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से भी बड़ा झटका लगा है। मई 2026 में,SEBI ने रश्मि सलूजा को कथित तौर पर अनुचित लाभ के तौर पर लगभग 2 करोड़ रुपए लौटाने का आदेश दिया और 40 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। SEBI का कहना थी कि उन्होंने बर्मन ग्रुप के ओपन ऑफर से संबंधित अप्रकाशित प्राइस सेंसिटिव जानकारी (Unpublished Price-Sensitive Information) होने के बावजूद ट्रेड किए थे।