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Rising Bharat Summit 2024: दमानी ने कहा, भारतीय बाजार में लॉन्ग टर्म ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं

जाने-माने निवेशक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के मेंबर रमेश दमानी ने भारतीय शेयर बाजार के हालिया बुल रन को लेकर पॉजिटिव राय पेश की है। नई दिल्ली में आयोजित नेटवर्क 18 के 'राइजिंग भारत समिट 2024' में दमानी ने भारत के बुल रन की तुलना जापान के 1960 के दशक से की, जब तीसरी दुनिया का देश विश्व की एक प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा था

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 19, 2024 पर 11:25 PM
Rising Bharat Summit 2024: दमानी ने कहा, भारतीय बाजार में लॉन्ग टर्म ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं
नई दिल्ली में 19 मार्च को आयोजित नेटवर्क18 के 'राइजिंग भारत समिट 2024' में बाजार के दिग्गज निवेशकों ने अपनी बात रखी।

जाने-माने निवेशक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के मेंबर रमेश दमानी (Ramesh Damani) ने भारतीय शेयर बाजार के हालिया बुल रन को लेकर पॉजिटिव राय पेश की है। नई दिल्ली में आयोजित नेटवर्क 18 के 'राइजिंग भारत समिट 2024' में दमानी ने भारत के बुल रन की तुलना जापान के 1960 के दशक से की, जब तीसरी दुनिया का देश विश्व की एक प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा था।

दमानी के मुताबिक, भारत में मध्य वर्ग की तेजी से बढ़ती संख्या से भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल रही है। साथ ही, यह लॉन्ग टर्म ग्रोथ का भी मामला है। उन्होंने कहा, 'लोग के पास बचत और निवेश के लिए अतिरिक्त पैसा है। डीमैट खातों और म्यूचुअल फंडों में बढ़ोतरी से इसे समझा जा सकता है।' इस मौके पर जेफरीज इंडिया के कंट्री हेड और मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष अग्रवाल का कहना था कि भारत की मौजूदा स्थिति अमेरिका में 1980 के दशक के हालात जैसी है। उस वक्त अमेरिका में मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, जैसा कि अभी भारत में देखने को मिल रहा है।

अग्रवाल का कहना था कि भारत में इक्विटी इनवेस्टमेंट में अभी जबरदस्त संभावना है। कुल घरेलू बचत में इक्विटी निवेश की कुल हिस्सेदारी महज 5 पर्सेंट है, जो गोल्ड निवेश (16%) से काफी कम है। उनका मानना है कि यह समय भारत पर बुलिश होने के लिए काफी अनुकूल है, खास तौर पर ऐसे वक्त में जब विदेशी निवेशक देश की मजबूत आर्थिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां वापसी कर रहे हैं।

एडवेंट इंटरनेशनल की हेड श्वेता जालान ने भारत के डेमोग्रेफिक फायदों के बारे में बात की और कहा कि भारत में दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा कामकाजी आबादी है। इस वजह से यहां जबरदस्त कंजम्प्शन साइकल के लिए गुंजाइश है। साथ ही, सरकारी नीतियों से भी कंपनियों को फायदा मिल रहा है और यह इंडिया इंक की ग्रोथ इंजन का प्रमुख आधार है। दमानी हाल में बाजार में आए उतार-चढ़ाव से भी ज्यादा परेशान नहीं दिखे।

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