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कमोडिटी की बढ़ती कीमतें कंपनियों के मार्जिन पर डाल रहीं दबाव, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिखेगा पूरा असर: रामदेव अग्रवाल

डिजिटल बिजनेस की सबसे अच्छी बात यह है कि हर कैटेगरी में हर 2-3 साल की समय अवधि में आपको 2-3 मार्केट लीडर देखने को मिल जाते है। 100 कंपनियों में से 75 कंपनियां गायब हो जाती है और 2-3 साल में 2-3 नए मार्केट लीडर उभर कर आते है.

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 14, 2022 पर 1:07 PM
कमोडिटी  की बढ़ती कीमतें कंपनियों के मार्जिन पर डाल रहीं दबाव, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिखेगा पूरा असर: रामदेव अग्रवाल
रामदेव अग्रवाल ने कहा कि इस सेक्टर को कॉर्पोरेट्स को अपनी सेवाओं के लिए आगे चलकर अधिक भुगतान करना होगा

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस (Motilal Oswal Financial Services) के को- फाउंडर और ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर रामदेव अग्रवाल (Raamdeo Agrawal) ने CNBC TV18 को दिए गए अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि कमोडिटी की बढ़ती कीमतें कंपनियों के मार्जिन पर अपना असर डाल रही हैं । उन्होने यह भी कहा कि हालांकि कमोडिटी की कीमतों में कुछ स्थिरता आई है लेकिन अभी भी यह काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि एक- दो सेक्टरों को छोड़ दे तो हर सेक्टर में मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है। आगामी अप्रैल-जून तिमाही में मार्जिन में यह गिरावट ज्यादा बड़ी और व्यापक होगी।

उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी का यह असर अप्रैल -जून तिमाही में ज्यादा व्यापक और बड़े रूप में सामने आएगा लेकिन यह समय ही बताएगा कि कंपनियां लोअर मार्जिन के साथ अपनी आय में होने वाली ग्रोथ पर इसके असर से कैसे निपटेंगी। उन्होंने इस बातचीत में यह भी कहा कि तमाम मेटल उत्पादक कंपनियों के लिए कनवर्जन मार्जिन पर दबाव नजर आ रहा है।

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