रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 जुलाई को 1 लाख करोड़ की रकम के लिए वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) ऑक्शन किया। यह ऑक्शन दोपहर 12.30 बजे से 1.00 बजे के बीच हुआ। रिजर्व बैंक की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इन फंडों का रिवर्सल 6 जुलाई को होगा। रिजर्व बैंक के मुताबिक, 'लिक्विडटी की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के मद्देनजर, वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो ऑक्शन करने का फैसला किया गया।'
रिजर्व बैंक आम तौर पर बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त लिक्विडिटी निकालने के लिए रिवर्स रेपो ऑक्शन करता है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी फिलहाल 2.22 लाख करोड़ सरप्लस रहने का अनुमान है। डीलर्स के मुताबिक, सैलरी और पेंशन पर सरकार के खर्च की वजह से बैंकिंग सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी बढ़ गया है।
कोटक महिंद्रा बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते अनुमानित सरकारी खर्च 1 लाख करोड़ रुपये है, जिससे लिक्विडिटी में और बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय बैंक ने 3 जुलाई को 1 लाख करोड़ का VRRR ऑक्शन किया था और इसमें 6.49 पर्सेंट के कट ऑफ रेट पर 63,843 करोड़ रुपये रखे गए थे।
VRRR का इस्तेमाल आम तौर पर सिस्टम से ज्यादा लिक्विडिटी को वापस लेने के लिए किया जाता है। रिजर्व बैंक नियमित तौर पर यह कवायद करता है। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दांस ने अप्रैल की अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में कहा था कि केंद्रीय बैंक का रुख इकनॉमी की जरूरत पूरा करने के लिहाज से काफी लचीला रहेगा। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक ऑपरेशन के जरिये लिक्विडटी के लिए लेवल को संतुलित बनाए रखेगा।