Rupee Close- डॉलर के मुकाबले रुपये कमजोर देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 08 पैसे कमजोर होकर 79.04 के स्तर पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 1 पैसे कमजोर होकर 78.98 के मुकाबले 78.97 पर खुला था। खुलने के बाद इसमें कमजोरी बढ़ती नजर आई और यह अपने रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया।
बता दें कि 1 जुलाई को डॉलर के मुकाबले रुपया इंट्राडे में 79.1187 के रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया। खराब होती ग्लोबल माइक्रो स्थितियों की वजह से दुनिया भर की तमाम करेंसीज में डॉलर के मुकाबले कमजोरी आई है। रुपया भी इस गिरावट का शिकार हो रहा है।
इसके अलावा विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भी रुपये पर निगेटिव असर पड़ा है। अर्थशास्त्रियों ने देश के बढ़ते चालू खाते के घाटे को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने आज ही आयात घटाने के लिए गोल्ड पर लगने वाला इंपोर्ट टैक्स बढ़ा दिया है और इसके साथ ही पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर होने वाले एक्सपोर्ट पर टैक्स लगा दिया है।
Rupee Open- डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को पहली बार 79 के स्तर को तोड़ते हुए रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया। भारतीय इक्विटी बाजार से एफआईआई की लगातार बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपया दबाव में बना हुआ है।
डॉलर के मुकाबले रुपया आज 78.98 के स्तर पर खुला था और इसने आज इंट्राडे में 79.12 का रिकॉज्ञड लो हिट किया। फिलहाल 10.27 बजे के आसपास डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 79.06 के स्तर पर नजर आ रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 1 पैसे कमजोर होकर 78.98 के मुकाबले 78.97 पर खुला था। खुलने के बाद इसमें कमजोरी बढ़ती नजर आई और यह अपने रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया।
पिछले 2 कारोबारी सत्रों में आरबीआई की दखल की वजह से रुपये की गिरावट थमीं हुई थी लेकिन आज इसने 79 का लेवल भी तोड़ दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते चालू खाते के घाटे में बढ़ोतरी और महंगाई के बढ़ते डर के कारण रुपये पर दबाव बना है।
IFA Global ने अपने एक नोट में कहा है कि ब्रेंट क्रूड में जारी तेजी की वजह से रुपये में दबाव बना रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त के कारण घरेलू बॉन्ड मार्केट में भी ऊपर से दबाव देखने को मिल सकता है। बता दें कि इस साल अब तक एफआईआई भारतीय इक्विटी बाजारों में 28 बिलियन डॉलर की बिक्री कर चूके है।