डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 77.72 के ऑल टाइम लो पर पहुंचा

डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी बढ़ती नजर आ रही है। गुरुवार के शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे टूटकर 77.74 के स्तर पर पहुंच गया

अपडेटेड May 19, 2022 पर 4:47 PM
19 मई को डॉलर के मुकाबले रुपये मे गिरावट का दौर जारी रहा और यह 10 पैसे टूटकर 77.72 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ है।

Rupee Closing Update Today : 19 मई को डॉलर के मुकाबले रुपये मे गिरावट का दौर जारी रहा और यह 10 पैसे टूटकर 77.72 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ है। घरेलू इक्विटी बाजार में गिरावट और विदेशी निवेशकों की तरफ से लगातार हो रही फंड निकासी के कारण रुपया दबाव में है।

आज डॉलर के मुकाबले रुपये की शुरुआत भी कमजोरी के साथ हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 14 पैसे कमजोर होकर 77.72 पर खुला था।

आज के इंट्राडे में रुपया 77.76 के निचले स्तर से 77.63 के ऊपरी स्तर के बीच कारोबार करता दिखा। बता दें कि कल के कारोबार में रुपये में गिरावट देखने को मिली थी और रुपया 18 पैसे टूटकर 77.62 के स्तर पर बंद हुआ था।


Rupee Open- डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी बढ़ती नजर आ रही है। गुरुवार के शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे टूटकर 77.74 के स्तर पर पहुंच गया। घरेलू इक्विटी मार्केट की सुस्ती और भारतीय इक्विटी में विदेशी फंडो की तरफ से हो रही लगातार बिकवाली की वजह से रुपये पर दबाव बना हुआ है।

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 14 पैसे कमजोर होकर 77.58 के मुकाबले 77.72 पर खुला था। उसके बाद इसमें कमजोरी बढ़ती नजर आई और रुपया 77.74 तक फिसलता नजर आया। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में आई भारी गिरावट के बीच आज रुपये ने भी कमजोर शुरुआत की।

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एफआईआई की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली की वजह से बने दबाव के कारण रुपया लगातार 5 कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद रिकॉर्ड निचले स्तरों पर चला गया है। भारतीय बाजारों में एफआईआई लगातार 8वें महीने नेट सेलर रहे है। मई महीने में एफआईआई की तरफ से 37,937 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है।

Reliance Securities के मिथुल शाह का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की ऐतिहासिक कमजोरी, यूएस फेड की तरफ से मौद्रिक नीतियों में आ रही कड़ाई, एफपीआई की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली कुछ ऐसे कारण है जिनका नियर टर्म में इकोनॉमी पर असर पड़ेगा। महंगाई के बढ़ते दबाव ने यूएस फेड सहित दुनिया के तमाम बड़े केंद्रीय बैंकों को अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लिए मजबूत कर रहा है। ऐसे में निवेशकों को लग रहा है कि बढ़ती ब्याज दरों में आगे इकोनॉमी में मंदी देखने को मिल सकती है। भारत में भी रुपये मे लगातार रही कमजोरी और ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर हावी होता नजर आ रहा है।

इक्विटी बाजार की चाल पर नजर डालें तो कमजोर ग्लोबल संकेतों से बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी 15900 के करीब कारोबार कर रहा है। INFOSYS, RIL, TCS और HDFC बैंक ने दबाव बनाया है। वहीं मिडकैप शेयर भी फिसले है। वहीं NIFTY IT INDEX सबसे ज्यादा 4% फिसला है। मेटल, सरकारी बैंक और रियलिटी सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिल रही हैं।

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