फॉरेक्स ट्रेडरों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों , ब्याज दरों पर यूएस फेड के कठोर नजरिए और कमजोर होती आर्थिक होती गतिविधियों के चलते अक्टूबर के अंत तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 83 रुपये का लेवल भी पार कर सकता है। गौरतलब है कि 07 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले रुपये की क्लोजिंग रिकॉर्ड लो पर हुई और 82 रुपये प्रति डॉलर के नीचे बंद हुआ।
Shinhan Bank के Kunal Sodhani का कहना है कि अगले आने वाले हफ्तों में डॉलर के मुकाबले 83 का स्तर छुता नजर आ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ब्याज दरों पर सभी बड़ी और उभरती इकोनॉमिक्स की कड़ाई और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी कुछ ऐसे कारण है जिनके चलते डॉलर इंडेक्स में तेजी आएगी और रुपये सहित दूसरे उभरते बाजारों सहित करेंसी पर प्रभाव देखने को मिलेगा।
HDFC Securities के दिलीप परमार का कहना है कि बहुत से फैक्टर जो पहले रुपये के पक्ष में काम कर रहे थे अब निगेटिव हो गए है। ऐसे में जल्द ही रुपया हमें 83 का लेवल पार करता नजर आ सकता है।
बता दें कि कल के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 82.19 के स्तर पर खुला था और उसके बाद इसमें 82.4275 ऑल टाइम लो देखने को मिला था। उसके बाद रुपया सीमित दायरे में घूमता नजर आया। इस बीच कच्चे तेल पर नजर डालें तो ओपेक प्लस देशों की तरफ से उत्पादन में कटौती के ऐलान से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है जिसके कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है।
बता दें कि भारत कच्चे तेल का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश है। ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चक्कर लगाता नजर आ रहा है। फॉरेक्स डीलर का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह बढ़त होती रही तो रुपये अगले हफ्ते ही 83 का स्तर पार करता नजर आ सकता है।
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