Rupee Close- रुपये में रिकॉर्ड कमजोरी का सिलसिला आज भी जारी है। आज लगातार चौथे दिन रुपया टूटा और फिसलकर 80 की दहलीज पर पहुंच गया है। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 25 पैसे कमजोर होकर 79.87 के स्तर पर बंद हुआ। इस साल अब तक डॉलर के मुकाबले रुपया 7 फीसदी टूटा है।
US में महंगाई बढ़ने से फेड के 1% दरें बढ़ाने का डर, FII की तरफ से शेयर बाजार में बढ़ रही लगातार बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ी कीमते, एक्सपोर्टर्स की तरफ से लगातार बढ़ रही डॉलर की मांग के चलते रुपये पर दबाव बना हुआ है।
Rupee Open- डॉलर के मुकाबले रुपया आज लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड लो पर खुला है। रुपया आज 9 पैसे कमजोर होकर 79.72 के स्तर पर खुला था। वहीं कल के कारोबार में यह 79.63 के स्तर पर बंद हुआ था। अमेरिकी डॉलर में दुनियों की दूसरे बड़ी करेंसियों की तुलना में लगातार बढ़त जारी है। इस बीच विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी बाजार में लगातार बिकवाली करते नजर आ रहे है। जिससे रुपये पर दबाव बना हुआ है।
रुपया आज 79.74 के नए निचले स्तर तक पहुंच गया। बता दें कि पिछले कारोबारी सत्र में भी रुपये ने 79.66 का निचला स्तर छुआ था। हालांकि कल के कारोबार में अपने निचले स्तर से सुधर कर रुपया 79.63 पर बंद हुआ था।
अमेरिका के उम्मीद से ज्यादा रहे महंगाई के आंकड़ों केकारण यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में और आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाएं तेज हुई है जिसके कारण यूएस डॉलर में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर रुपये सहित दुनिया भर की तमाम करेंसियों पर देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा मंदी की बढ़ती आशंका के कारण डॉलर की सेफ हेवन अपील में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसके कारण डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। अमेरिका में बुधवार को आए महंगाई आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में 41 साल के शिखर पर महंगाई पहुंची है। जून में रिटेल महंगाई दर अनुमान से ज्यादा 9.1% पर पहुंची है।
बढ़ती मांग और यूक्रेन रुस के युद्ध के कारण सप्लाई चेन में आई गड़बड़ी महंगाई बढ़ने की अहम वजह हैं। अमेरिका के महंगाई आंकड़ों के आने के बाद कुछ बाजार जानकारों का अनुमान है कि अब यूएस फेड इसी महीने होने वाली फेडरल रिजर्व के अगली बैठक में ब्याज दरों में 1% तक की बढ़ोतरी कर सकता है।
शुक्रवार को आए अमेरिका जॉब आंकड़ें काफी अच्छे रहे है। जिससे यह बता चलता है कि दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी को आसानी से पचा गई है। जिससे यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में अभी और बढ़ोतरी की गुंजाइश नजर आ रही है।