पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (Hindustan Petroleum Corporation Limited- HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (Bharat Petroleum Corporation Limited- BPCL) जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के शेयरों में जोश नहीं आया। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में प्रति लीटर ₹3 की बढ़ोतरी कर खुदरा तेल बेचने वाली कंपनियों को जो राहत दी गई थी, उसका एक बड़ा हिस्सा तो रुपये में तेज गिरावट ही खत्म कर रही है। इन कंपनियों के शेयर ईरान और अमेरिका के बीच की जंग में अब तक करीब 30% टूट चुके हैं। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के पार जाने से आयात पर खर्च बढ़ने और फ्यूल मार्केटिंग मार्जिन घटने की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
