डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 11 अक्टूबर को 84 के पार पहुंच गया। काफी समय से यह 84 की दहलीज पर खड़ा था। 11 अक्टूबर को इसने दहलीज पार कर दी। हाल में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और इंडियन स्टॉक मार्केट्स में विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपये में कमजोरी बढ़ने की आशंका थी। सरकार को क्रूड ऑयल के आयात के लिए डॉलर में पेमेंट करना पड़ता है। क्रूड ऑयल की कीमत पर बढ़ने पर इसलिए डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिसका असर रुपये पर पड़ता है।
