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UPI पर एमडीआर चार्ज का असर क्या शेयर बाजारों में निवेश पर भी पड़ेगा? जानिए NSE के चेयरमैन ने क्या कहा

फ्री यूपीआई ट्रांजेक्शन का दौर अब खत्म होने जा रहा है। आगे यूपीआई के जरिए पेमेंट करने पर फीस चुकानी होगी। हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर ही फीस लगेगी। यह अभी तय नहीं है कि कितनी फीस लगेगी

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 6:14 PM
UPI पर एमडीआर चार्ज का असर क्या शेयर बाजारों में निवेश पर भी पड़ेगा? जानिए NSE के चेयरमैन ने क्या कहा
NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक निवेश किया जा सकता है।

यूपीआई यानी यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस छोटे-बड़े पेमेंट के लिए लोगों की पहली पसंद बन गया है। अब तक यह फ्री है यानी इस्तेमाल पर किसी तरह की फीस नहीं लगती है। लेकिन, आगे यूपीआई के जरिए पेमेंट करने पर आपको फीस चुकानी होगी। हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर ही फीस लगेगी। लेकिन, प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट में निवेश के लिए अब काफी ज्यादा यूपीआई का इस्तेमाल होने लगा है। तो क्या यूपीआई पर फीस का असर शेयर मार्केट में निवेश पर भी पड़ेगा?

ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय के लिए पड़ सकता है असर

NSE का मानना है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय समय के लिए पड़ेगा। लेकिन, उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने कहा, "2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर चार्जेज का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर सिर्फ शुरुआत में पड़ेगा।" उनहोंने कहा कि कुछ समय बाद इसके सामान्य हो जाने की संभावना है।

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलने जा रहा है

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