Facebook और Instagram पर रूस ने लगाया प्रतिबंध, इस ऐप की लगी लॉटरी, जानिए क्यों

रूस में शुक्रवार को एलान किया वो देश में मेटा प्लेटफॉर्म मालिकाना हक वाले फेसबुक को प्रतिबंध कर रहा है। इसकी वजह यह है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रशियन मीडिया को एक्सेस नहीं दे रहे हैं.

अपडेटेड Mar 19, 2022 पर 1:42 PM
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वर्तमान में टेलीग्राम का संचालन दुबई से होता है। यह बाय डिफॉल्ट मैसेजों को इनक्रिप्ट नहीं करता है। इसके विपरीत Meta के मालिकान हक वाले व्हाट्सएप में मैसेज बाय डिफॉल्ट इनक्रिप्टेड होते हैं.

टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप इन दिनों सुर्खियों में आ गया है। रूस के यूक्रेन पर आक्रमण और उसके बाद अमेरिका और नाटो देशों द्वारा उस पर लगाए गए प्रतिबंध की प्रतिक्रिया में रूस ने भी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद से ही टेलीग्राम (Telegram)की चांदी हो गई है। हालांकि डेटा सिक्योरिटी और गलत सूचना को लेकर टेलीग्राम की सुरक्षा व्यवस्था बहुत पुख्ता नहीं है इसको लेकर कई बार सवाल उठाए गए हैं। इसके बावजूद रूस द्वारा फेसबुक और इंस्टा पर प्रतिबंध लागू करने के बाद टेलीग्राम ऐप की डाउनलोडिंग में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

बता दें कि टेलीग्राम भी एक मास मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है। टेलीग्राम के द्वारा उपलब्ध कराए गए आकंड़ों के मुताबिक इस वर्ष के शुरुआत से अब तक यह ऐप 15 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। जनवरी 2021 तक टेलीग्राम के 50 लाख एक्टिव यूजर्स थे। टेलीग्राम को रूस में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पर लागू प्रतिबंध के कारण पैदा हुए गैप का फायदा मिल रहा है।

रूसी आक्रमण के पहले टेलीग्राम को बड़े अमेरिकन मास मैसेजिंग ऐप के बिजनेस मॉडल से अलग बिजनेस मॉडल अपनाने का फायदा मिल रहा था लेकिन अब Telegram को इस बात का फायदा मिल रहा है कि उसके क्रिएटर पावेल दुरोव (Pavel Durov)और निकोलाई दुरोव (Nikolai Durov)दोनों रूसी नागरिक होने के साथ-साथ भाई भी है। इन्होंने जनवरी 2014 में अपना देश रूस छोड़ दिया था। सरकारी अधिकारियों की तरफ से पड़े दबाव के चलते Nikolai Durov ने VK में अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी। दूसरे शब्दों में कहें तो उन्होंने VK के पर्सनल डेटा और इससे जुड़ी एक्टिविज की जानकारी सरकार को देने की जगह किसी निजी खरीदार को बेच दी थी। बता दें कि Nikolai Durov ही VK के क्रिएटर थे।


IE Business School Madrid में काम करने वाले एक प्रोफेसर Enrique Dans का कहना है कि टेलीग्राम इस समय एक बहुत ही खूबसूरत रिवेंज स्टोरी बन गया है और हम सभी एक अच्छी रिवेंज स्टोरी को पसंद करते हैं।

क्या टेलीग्राम को दुनिया का पसंदीदा मैसेजिंग ऐप बनाने के लिए सिर्फ इतना ही पर्याप्त होगा कि यह एक अच्छी रिवेंज स्टोरी है? इस पर जानकारों का कहना है कि टेलीग्राम को आगे अपनी लोकप्रियता बनाए रखने के लिए बहुत कुछ करना बाकी है। सिक्योरिटी इन्क्रिप्शन और बिजनेस मॉडल को लेकर इसके क्रिएटरों को बहुत कुछ करना होगा।

बता दें कि वर्तमान में टेलीग्राम का संचालन दुबई से होता है। यह बाय डिफॉल्ट मैसेजों को इनक्रिप्ट नहीं करता है। इसके विपरीत Meta के मालिकान हक वाले व्हाट्सएप में मैसेज बाय डिफॉल्ट इनक्रिप्टेड होते हैं। व्हाट्सएप की तरह टेलीग्राम भी एक मल्टीमीडिया मैसेजिंग एप है जिसमें आप फोटो-वीडियो भेजने के साथ-साथ डॉक्स फाइल को भी शेयर कर सकते हैं और ऑडियो-वीडियो कॉलिंग भी कर सकते हैं, हालांकि व्हाट्सएप का स्टेटस फीचर आपको टेलीग्राम में नहीं मिलेगा। टेलीग्राम में यूपीआई पेमेंट की सुविधा नहीं है जो कि व्हाट्सएप में कुछ दिन पहले ही शुरू हुई है।

टेलीग्राम के असली डेवलपर Pavel Durov और Nikolai Durov हैं। यह दोनों भाई और रूस के रहने वाले हैं। इन दोनों ने ही रूस के फेमस सोशल मीडिया App VK भी बनाया है। Telegram का बेसिक वर्जन इन्होंने 2012 में बना लिया और फिर कंपनी शुरू कर दी और टीम के साथ इसका फाइनल स्टेबल वर्जन (stable version)बनाया। इसका स्टेबल वर्जन 2013 में यूरोपियन बादार में लांच किया गया और फिर वहीं से इसका सफर शुरू हो गया और दुनिया के सबसे पॉपुलर apps में इसका नाम शुमार हो गया।

अगर आप इंटरनेट पर टेलीग्राम का हेडक्वार्टर सर्च करेंगे तो उसका लोकेशन दुबई दिखायेगा ऐसे में बहुत सारे लोग कंफ्यूज हो जाते हैं की आखिर यह दुबई का है या किसी और देश का अगर आप इंटरनेट पर Telegram FZ-LLC कंपनी के बारे सर्च करेंगे तो इसका लोकेशन लंदन दिखायेगा।

देखिये असल में यह रशिया का है और इसके फाउंडर भी रशिया के हैं लेकिन इसके फाउंडरों Pavel Durov और Nikolai Durov ने कंपनी को रूस में रजिस्टर नहीं किया कंपनी को इन्होने Telegram FZ-LLC नाम से लंदन में रजिस्टर किया फिर बाद में इसका कार्यकारी ऑफिस दुबई में खोल लिया।

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अब आसान तरीके से समझ लीजिये कंपनी का सारा टीम दुबई में रहता है और लंदन में कंपनी के फाउंडर और इसकी प्रबंधन टीम रहती है। वास्तव में इस एप्लीकेशन को रशियिन डेवलपर्स ने बनाया है और वही इसके फाउंडर्स भी और उनके पास अभी भी रूस की नागरिकता है तो इस हिसाब से यह ऐप भी रूस का ही है।

गौरतलब है कि रूस में शुक्रवार को एलान किया वो देश में मेटा प्लेटफॉर्म मालिकाना हक वाले फेसबुक को प्रतिबंध कर रहा है। इसकी वजह यह है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रशियन मीडिया को एक्सेस नहीं दे रहे हैं। रूसी रेगुलेटर ने आगे कहा कि अभी तक 26 ऐसे मामले पाए गए हैं जिसमें फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म पर रशियन मीडिया को प्रतिबंधित किया है। हाल ही में सरकारी रूसी चैनल RT और RIA जैसे न्यूज एजेंसियों को भी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बैन कर दिया गया है।

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