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Russia–Ukraine crisis से 16 फरवरी से अब तक इनवेस्टर्स के डूबे 9.1 लाख करोड़ रुपये

भारत के सबसे बड़ी चिंता क्रूड की कीमतों में तेजी है, जो 3.5 फीसदी की मजबूती के साथ 97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके चलते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को अपनी नरम नीति छोड़नी पड़ सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 22, 2022 पर 5:17 PM
Russia–Ukraine crisis से 16 फरवरी से अब तक इनवेस्टर्स के डूबे 9.1 लाख करोड़ रुपये
पिछली बार 16 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए थे, लेकिन उसके बाद से गिरावट बनी हुई है

Russia–Ukraine crisis : भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन खासा “अमंगल” लेकर आया। रूस-यूक्रेन टेंशन बढ़ने से शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स 2 फीसदी गिरावट के साथ खुले। जंग की आशंका में आई गिरावट की सूनामी में पिछले 5 दिनों में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गई है। पिछली बार 16 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुए थे, लेकिन उसके बाद से गिरावट बनी हुई है।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स टूटे

मंगलवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 1,245 अंकों की गिरावट के साथ 56,439 पर खुला, वहीं निफ्टी (Nifty) ने 359 अंकों की कमजोरी के साथ 17,000 का स्तर तोड़ दिया और 16,848 पर खुला। गिरावट से सभी एशिया बाजार प्रभावित रहे और 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है।

एनएसई (NSE) पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट बनी हुई है, जबकि सबसे ज्यादा गिरावट मीडिया और पीएसयू बैंकों में देखने को मिल रही है। ब्रॉडर मार्केट्स भी 1.2 से 2.2 फीसदी के नुकसान के साथ ट्रेडिंग हो रही है।

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