Safety Controls IPO Listing: ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज के शेयरों की आज BSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹80 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹83.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 3.75% का लिस्टिंग गेन (Safety Controls Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹84.40 पर पहुंचा लेकिन फिर टूटकर यह ₹78.85 के लोअर सर्किट पर आ गया।
निचले स्तर पर रिकवरी के साथ यह ₹78.99 (Safety Controls Share Price) पर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक अब 1.26% घाटे में हैं।
Safety Controls IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज का ₹48 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-8 अप्रैल तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.31 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.45.गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.76 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 60 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹6 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹31.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरत पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Safety Controls के बारे में
जून 2015 में बनी सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज सब-स्टेशंस, सोलर प्लांट्स, फायरफाइटिंग इक्विपमेंट और हॉस्पिटल्स के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) प्रोजेक्ट पर काम करती है। इसके अधिकतर क्लाइंट्स सरकारी एंटिटीज और अंडरटेकिंग्स हैं। यह 19 सबस्टेशंस चला रही है और यूटिलिटी-स्केल सोलर और इलेक्ट्रिक वेईकल चार्जिंग स्टेशंस में विस्तार कर ही है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹43 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.01 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹8.99 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी के टोटल इनकम में उठा-पटक रही और सालाना करीब 45% चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.50 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-जनवरी में कंपनी को ₹8.52 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹68.51 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹39.18 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹40.64 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।