समीर अरोड़ा ने वॉरेन बफे को दी भारतीय बाजार में पैसे लगाने की सलाह, सिर्फ अमेरिका में निवेश से बफे को हुआ नुकसान

समीर अरोड़ा ने कहा कि बड़े बेस पर भी रिटर्न आते हैं। अमेरिका में सालाना करीब 12 फीसदी के रिटर्न मिले हैं। आगे भी भारतीय बाजार में 13-14 फीसदी रिटर्न संभव है

अपडेटेड Oct 08, 2022 पर 2:07 AM
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2 महीने में अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता खत्म होती नजर आएगी। अमेरिका में गिरावट थमने से भारतीय बाजार और दौड़ेंगे। अगले साल भारतीय बाजार में अच्छी तेजी संभव है

हेलियस कैपिटल के समीर अरोड़ा ने CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल से बाजार की आगे की दशा और दिशा पर खास बातचीत की है। इस बातचीत में उन्होंने कहा है कि भारत सालों से आउटपरफार्म कर रहा है। इस बातचीत में समीर अरोड़ा की वॉरेन बफे को भी सलाह देते हुए कहा है भारतीय बाजारों में निवेश ना करना उनकी गलती है। वॉरेन बफे को भारतीय बाजार में पैसे लगाने चाहिए। सिर्फ अमेरिका में निवेश से बफे को नुकसान हुआ है।

भारतीय बाजारों का मूड अलग

समीर अरोड़ा ने आगे कहा कि भारतीय बाजारों का मूड ग्लोबल बाजारों से अलग है। डाओ में गिरावट के बीच भारतीय बाजार फ्लैट रहे हैं। भारतीय रिटेल निवेशकों का रुख भी FIIs से अलग है। बाजार की खराब स्थिति में भी घरेलू निवेशकों ने मैच्योरिटी दिखाई है और डरे नहीं हैं। 3-4 महीने में फिर से FIIs की खरीदारी संभव है।


बाजार की नए शिखर की तैयारी

समीर अरोड़ा का मानना है कि बाजार नए शिखर की तैयारी में है। पिछले 20-25 सालों में भारतीय बाजार ने 13-15 फीसदी रिटर्न दिए हैं। किसी साल ज्यादा तो किसी साल कम रिटर्न मिला है। इक्विटी में 13-14 फीसदी रिटर्न बनना अच्छा है। 13-14 फीसदी रिटर्न बॉन्ड, सोने या प्रॉपर्टी में नहीं मिलता।

भारत में 25 सालों में US और चीन से अच्छे रिटर्न मिले हैं। भारत में रिटर्न घटने की कोई वजह नहीं दिखती।

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भारत के रिटर्न बफे से बेहतर

इस बातचीत में समीर अरोड़ा ने आगे कहा कि डॉलर में भारतीय बाजार ने सालाना करीब 10 फीसदी रिटर्न दिया है। वॉरेन बफे ने 25 साल में 8.9 फीसदी रिटर्न कमाए हैं। अमेरिकी बाजार ने इसी दौरान 8 फीसदी के रिटर्न दिए हैं। बाजार में सालाना 13-15 फीसदी रिटर्न काफी अच्छा है। वॉरेन बफे को भारतीय बाजार में पैसे लगाने चाहिए। सिर्फ अमेरिका में निवेश से बफे को नुकसान हुआ है।

बड़े बैंकों में बिकवाली क्यों?

इस सवाल का जवाब देते हुए समीर अरोड़ा ने आगे कहा कि 2-3 सालों से HDFC बैंक लीडर नहीं रहा है। हालांकि HDFC बैंक का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। HDFC बैंक में FIIs की करीब 3.5 अरब डॉलर की बिकवाली देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि HDFC बैंक पर उनका भरोसा कायम है।

IT का वैल्युएशन कैसा?

इस पर समीर अरोड़ा ने कहा कि IT सेक्टर में उन्होंने भी बिकवाली की है। IT सेक्टर में आगे बड़ी ग्रोथ नहीं दिख रही है। IT में बाजार से बेहतर रिटर्न की उम्मीद कम है। अमेरिका और यूरोप की इकोनॉमी पर निर्भर सेक्टर्स से दूर रहें। क्योंकि यहां मंदी के संकेत दिख रहे हैं।

किन सेक्टर्स पर दांव?

इस सवाल का जबाव देते हुए समीर अरोड़ा ने बताया कि वे फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश कर रहे हैं। होटल सेक्टर में भी अच्छी तेजी रही है। HDFC बैंक ICICI BANK,SBI, INDUSIND BANK और IDFC FIRST BANK समीर अरोड़ा के पसंदीदा स्टॉक हैं। उनका कहना है कि बैंकों की दिक्कतें खत्म हो गई हैं। NPA की सफाई हो गई है। फाइनेंशियल सेक्टर में अगले कुछ सालों में अच्छी ग्रोथ करेगा।

ऑटो सेक्टर में कितनी रिकवरी?

ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए समीर ने कहा कि उन्होंने ऑटो सेक्टर में निवेश नहीं किया है। ऑटो सेक्टर में तकनीकी बदलाव काफी ज्यादा होते हैं। इसके अलावा सप्लाई चेन में अभी तक दिक्कत बनी हुई थी। ऑटो सेक्टर में पुरानी डिमांड का मुद्दा रहता है।

क्रेडिट सुइस संकट कितना गंभीर?

समीर अरोड़ा का मानना है कि क्रेडिट सुइस का संकट ज्यादा गंभीर नहीं है। बैंकों के पास काफी रिजर्व है। इन्होंने 2008 के संकट से सबक लिया है। क्रेडिट सुइस संकट का बाकी सेक्टर्स पर असर नहीं होगा। बैंकों ने अपने रिस्क काफी कम किए हैं।

मैन्युफैक्चरिंग स्टोरी में कितना दम ?

इस बातचीत में समीर अरोड़ा ने आगे कहा कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर दमदार है। एप्पल ने भारत से 1 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट किया है। दुनिया के बड़े देश चीन का विकल्प तलाश रहे हैं। PLI स्कीम से काफी फायदा हुआ है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ज्यादातर एसेंबली वाले शेयर हैं।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर समीर अरोड़ा बेहद पॉजिटिव हैं।

अगले 15 सालों में भारत में कैसे रिटर्न?

इस सवाल का जवाब देते हुए समीर अरोड़ा ने कहा कि बड़े बेस पर भी रिटर्न आते हैं। अमेरिका में सालाना करीब 12 फीसदी के रिटर्न मिले हैं। आगे भी भारतीय बाजार में 13-14 फीसदी रिटर्न संभव है। इस साल हर साल एक जैसे रिटर्न नहीं मिलेंगे। लेकिन औसत 13-14 फीसदी संभव है। 2 महीने में अमेरिकी बाजार में अनिश्चितता खत्म होती नजर आएगी। अमेरिका में गिरावट थमने से भारतीय बाजार और दौड़ेंगे। अगले साल भारतीय बाजार में अच्छी तेजी संभव है।

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