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Samvat 2079 Roundtable: विदेशी निवेशक क्यों कर रहे हैं भारी बिकवाली? ये हैं मार्केट मास्टर्स के जवाब

ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक DIIs या घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2022 में अब तक 2.62 लाख करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी खरीदी है

Translated By: Sunil Guptaअपडेटेड Oct 24, 2022 पर 7:34 PM
Samvat 2079 Roundtable: विदेशी निवेशक क्यों कर रहे हैं भारी बिकवाली? ये हैं मार्केट मास्टर्स के जवाब
भारत वास्तव में एक स्टैंडअलोन कोर एसेट क्लास के रूप में उभर रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था की गति तेजी से बढ़ने के साथ ही FIIs जल्द ही भारतीय इक्विटी में खरीदारी करते नजर आयेंगे

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Ltd (NSDL) के पास उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस कैलेंडर वर्ष में 1.79 लाख करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेची है। विश्लेषकों की नजरिये से पैसों की तंगी, बढ़ती ब्याज दरें, महंगा वैल्यूएशन इस बिकवाली के पीछे के कई कारणों में शामिल हैं।

मनीकंट्रोल के Muhurat Roundtable में हमने दलाल-स्ट्रीट के दिग्गजों को एफआईआई सेलिंग और उनकी अनुपस्थिति में रिटेल निवेशकों को बचाव में आने को डिकोड करने के लिए कहा। इसमें कुछ दिग्गजों ने इस पर अपनी राय इस प्रकार दी-

क्या इंडिया को रूस के करतूतों की कीमत चुकानी पड़ी ?

इस साल 24 फरवरी को रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के तुरंत बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई कड़े प्रतिबंध और सेंट्रल बैंक प्रतिबंध लगाए। चुनिंदा रूसी बैंकों को स्विफ्ट नेटवर्क से हटा दिया गया। देश के इक्विटी बाजार को "निवेश के लिए अयोग्य (uninvestable)" माना गया। रूस की कार्रवाइयों के खिलाफ कड़ा रुख नहीं अपनाने के चलते चीन पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।

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