संवत 2082 भारतीय शेयर बाजार के लिए आसान नहीं रहा। इस दौरान निफ्टी 50 करीब 3 फीसदी नीचे आ गया। वेस्ट एशिया में लंबा खिंचता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार बिकवाली ने बाजार को दबाए रखा। लेकिन संवत 2083 की दहलीज पर खड़े निवेशकों के लिए ब्रोकरेज हाउस अच्छी खबर लेकर आए हैं।
