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मार्सेलस इन्वेस्टमेंट के सौरभ मुखर्जी को पीएसयू बैंक स्टॉक्स अच्छे नहीं लग रहे, जानिए क्या है वजह

एक टिपिकल पीएसयू बैंक में इक्विटी पर मिलने वाला रिटर्न इक्विटी की लागत से लगातार कम बना हुआ है। इसका मतलब ये है कि इनका वैल्यू जेनरेशन (मूल्य सृजन) शून्य है। इसका असर इनके 5 साल और 10 साल के शेयर प्राइस मूवमेंट में भी देखने को मिलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 01, 2022 पर 6:27 AM
मार्सेलस इन्वेस्टमेंट के सौरभ मुखर्जी को पीएसयू बैंक स्टॉक्स अच्छे नहीं लग रहे, जानिए क्या है वजह
सौरभ मुखर्जी हर बैंक पर मंदी की राय नहीं रखते। उन्हें एसबीआई में कुछ वैल्यू नजर आ रही है

हाल के दिनों में सरकारी बैंकों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली है। इनके वित्तीय प्रदर्शन में आए सुधार और एनपीए (NPA)की सफाई की वजह से निवेशकों की रुचि इनमें बढ़ी है। लेकिन मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स ( Marcellus Investment Managers)के संस्थापक सौरभ मुखर्जी (Saurabh Mukherjea) सरकारी बैंक शेयरों के प्रशंसक नहीं हैं। मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में सौरभ मुखर्जी ने कहा “एक टिपिकल पीएसयू बैंक में इक्विटी पर मिलने वाला रिटर्न इक्विटी की लागत से लगातार कम बना हुआ है। इसका मतलब ये है कि इनका वैल्यू जेनरेशन (मूल्य सृजन) शून्य है। इसका असर इनके 5 साल और 10 साल के शेयर प्राइस मूवमेंट में भी देखने को मिलता है, जो शून्य है।"

पिछले 5 सालों में सिर्फ 6 फीसदी की मामूली रिटर्न 

सौरभ मुखर्जी ने आगे कहा कि सरकारी बैंकों के इंडेक्स निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स (Nifty PSU Bank index)में 2022 में अब तक 55 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इसमें से भी अधिकांश बढ़त सितंबर महीने में आई है। हालांकि इसने पिछले 5 सालों में सिर्फ 6 फीसदी की मामूली रिटर्न दिया है।

कई पीएसयू बैंकों (PSU Banks),विशेष रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)और केनरा बैंक (Canara Bank)ने सितंबर तिमाही में शानदार तिमाही नतीजे दिए हैं। इनको बेहतर क्रेडिट ग्रोथ और ज्यादा रिकवरी होने का फायदा मिला हैं। बैड लोन की स्थिति में सुधार से भी इनके आउटलुक में सुधार आया है।

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