SBI Share Price: ईरान-इजराइल के झगड़े में दुनिया भर के मार्केट में हाहाकार मचा हुआ और घरेलू मार्केट में सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम हो गए हैं। देश के सबसे बड़े बैंक SBI की बात करें तो इसके शेयर 3 फीसदी से अधिक टूट गए। हालांकि ब्रोकरेज फर्मों के दिए टारगेट के हिसाब से इस गिरावट को मौके के पर लेना चाहिए। जून 2024 तिमाही के नतीजे के बाद ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने इसे फिर से आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है लेकिन टारगेट प्राइस बढ़ा दिया है। जून तिमाही में इसके नतीजे उम्मीद से थोड़े कमजोर आए हैं। इसका नेट प्रॉफिट लगभग फ्लैट रहा जबकि नेट इंटेरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 5.7 फीसदी बढ़ा। वहीं ग्रॉस एनपीए मार्च तिमाही में 2.24 फीसदी से गिरकर जून तिमाही के आखिरी में 2.21 फीसदी पर आ गया जबकि नेट एनपीए 0.57 फीसदी पर स्थिर बना रहा। अब शेयरों की बात करें तो इसके शेयर फिलहाल BSE पर 2.35 फीसदी की गिरावट के साथ 828.00 रुपये पर है। इंट्रा-डे में यह 3.54 फीसदी फिसलकर 817.85 रुपये पर आ गया था।
SBI के लिए ब्रोकरेज का क्या है रुझान?
सीएलएसए ने एसबीआई की आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस 1000 रुपये से बढ़ाकर 1075 रुपये कर दिया है। यह इसके शेयरों के लिए दूसरा सबसे हाई टारगेट प्राइस है। इसे कवर करने वाले 49 एनालिस्ट्स में से सबसे हाई टारगेट प्राइस इनक्रेड इक्विटीज ने दिया है। इनक्रेड ने इसमें निवेश का टारगेट 1100 रुपये पर फिक्स किया है। इसे कवर करने वाले 49 एनालिस्ट्स में से 38 ने इसे खरीदारी, 7 ने होल्ड और 4 ने सेल रेटिंग दी है। सीएलएसए का कहना है कि जून 2024 तिमाही में लोन ग्रोथ हेल्दी बनी रही लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ में सुस्ती रही।
ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने इसे 1000 हजार रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ओवरवेट रेटिंग में कोई बदलाव नहीं किया है। जून तिमाही में एसबीआई RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) 1.1% रहा। ब्रोकरेज का मानना है कि ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर के आस-पास लचीलेपन और क्रेडिट कॉस्ट के नरमी से एसबीआई इसे 1 फीसदी के आसपास बनाए रख सकता है।
यूबीएस का मानना है कि SBI का RoA अभी 1.1 फीसदी है लेकिन यह 1 फीसदी के नीचे गिर सकता है क्योंकि क्रेडिट कॉस्ट ऊपर की तरफ बढ़ सकता है। इसके अलावा लोअर कोर-प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट से इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर दिख सकता है। यूबीएस ने इसे 725 रुपये के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।
इनवेस्टेक ने एसबीआई को 880 रुपये के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि इसका मार्जिन और कोर प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट उसकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। हालांकि ब्रोकरेज का मानना है कि वित्त वर्ष 2025 में इसकी क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 15 फीसदी के मजबूत लेवल पर रह सकती है और इसके पास पर्याप्त लिक्विडिटी बफर रहेगा।
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