सेबी बोर्ड ने स्वैच्छिक डीलिस्टिंग से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इसका मकसद डीलिस्टिंग प्रक्रिया को आसान बनाना है। सेबी की चेयरपर्सन माधवी बुरी बुच ने 27 जून को हुई सेबी बोर्ड की बैठक के बाद यह जानकारी दी। बुच के मुताबिक, बोर्ड ने रिवर्स बुक-बिल्डिंग के लिए फिक्स्ड प्रोसेस को विकल्प के तौर पर पेश करने का फैसला किया है। इस विकल्प का चुनाव करने वाली कंपनियों के लिए डीलिस्टिंग नियमों के तहत फ्लोर प्राइस के आधार पर मिनिमम प्राइस तय करना जरूरी होगा।
