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SEBI ने डुप्लिकेट शेयर इश्यू करने के नियमों को आसान बनाने के लिए उठाया बड़ा कदम

सेबी के संशोधित फ्रेमवर्क के तहत, ऐसे इनवेस्टर्स जिनके सिक्योरिटीज की वैल्यू 10 लाख रुपये तक है, उन्हें अब स्टैंडर्ड ऐफिडेविट-कम-इंडेमनिटी बॉन्ड सब्मिट करना होगा। 10,000 रुपये तक की वैल्यू वाले सिक्योरिटीज पर सिर्फ प्लेन पेपर पर अंडरटेकिंग देनी होगी

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 10:28 PM
SEBI ने डुप्लिकेट शेयर इश्यू करने के नियमों को आसान बनाने के लिए उठाया बड़ा कदम
0 लाख रुपये से ज्यादा की सिक्योरिटीज के मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा के उपाय किए गए हैं।

सेबी ने डुप्लीकेट सिक्योरिटीज सर्टिफिकेट्स इश्यू करने की प्रक्रिया आसान बना दी है। रेगुलेटर ने इनवेस्टर्स राइट्स की सुरक्षा और निवेश में आसानी के लिए ऐसा किया है। रेगुलेटर ने इस बारे में 24 दिसंबर को एक सर्कुलर इश्यू किया। इसमें डॉक्युमेंट्स से जुड़े आसान नियमों का इस्तेमाल 10 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए किया जा सकेगा। पहले इसके लिए 5 लाख रुपये तक की सीमा तय थी। ऐसे रिक्वेस्ट के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स के स्टैंडर्ड्स भी तय किए गए हैं।

कम वैल्यू के मामलों में नोटोराइजेशन की जरूरत खत्म

संशोधित फ्रेमवर्क के तहत, ऐसे इनवेस्टर्स जिनके सिक्योरिटीज की वैल्यू 10 लाख रुपये तक है, उन्हें अब स्टैंडर्ड ऐफिडेविट-कम-इंडेमनिटी बॉन्ड सब्मिट करना होगा। 10,000 रुपये तक की वैल्यू वाले सिक्योरिटीज पर सिर्फ प्लेन पेपर पर अंडरटेकिंग देना होगा। कम वैल्यू के सिक्योरिटीज के मामलों में नोटोराइजेशन को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

10 लाख रुपये से ज्यादा के मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा

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