SEBI probe Pump-and-Dump: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने देश के कई शहरों में ताबड़तोड़ तलाशी और जब्ती अभियान चलाया। मनीकंट्रोल ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। एक सूत्र के मुकताबिक तीन दिनों तक चली कार्रवाई शुक्रवार देर रात समाप्त हुई और इस दौरान कई डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए। सेबी की यह कार्रवाई स्टॉक मैनुपिलेशन नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच के तहत है। यह जांच पंप-एंड-डंप (Pump-and-Dump) की संदिग्ध एक्टिविटी से जुड़ी है। पंप-एंड-डंप का मतलब है कि पहले शेयरों की कीमत को आर्टिफिशियल तरीके से बढ़ाया जाता है और फिर बाद में हाई लेवल पर एकाएक बेच दिया जाता है।
इन शहरों में सेबी ने मारे छापे
रिपोर्ट के मुताबिक सेबी की जांच टीम ने मुंबई, भुज, बेंगलुरु और हैदराबाद में पिछले हफ्ते तलाशी अभियान चलाया। इस मामले में भुज अहम केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है जिससे संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क मार्केट के बड़े-बड़े हब से बाहर भी फैला हुआ है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में एक छोटी इंवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी और एक ड्रिप इरिगेशन कंपनी की जांच हो रही है। अधिकारी ट्रेडिंग पैटर्न, फंड फ्लो और कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं, ताकि कंपनियों और इंडिविजुअल्स के बीच तालमेल का पता लगाया जा सके।
किस बात को लेकर सेबी ने जताई चिंता?
सेबी एक छोटी इंवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी और एक ड्रिप इरिगेशन कंपनी की जांच कर रही है। सेबी ने जो चिंताएं जाहिर की है, उसमें एक तो ये है कि सीमित वित्तीय परफॉरमेंस के बावजूद बोनस इश्यू का ऐलान किया गया और सेबी का मानना है कि ऐसा निवेशकों को आकर्षित करने और शेयरों को ऊपर जाने के लिए भी हो सकता है यानी यह मामला बोनस इश्यू के गलत इस्तेमाल के संदेह का भी है।
वहीं आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम (RM Drip and Sprinklers System) ने रविवार 26 अप्रैल को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि 22-23 अप्रैल को उसके प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के ठिकानों की तलाशी ली गई। कंपनी का कहना है कि इसका उसके कारोबार या वित्तीय सेहत पर कोई असर नहीं पडे़गा और सेबी ने इस कार्रवाई की कोई वजह भी नहीं बताई।