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SEBI ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग पर लगाया 2 लाख रुपये का जुर्माना, जानिए क्या है मामला

SEBI की जांच से पता चला AP एपी में से एक ने एक्सचेंज को 226 क्लाइंट्स, दूसरे ने 118 क्लाइंट्स और तीसरे ने सात क्लाइंट्स की जानकारी नहीं दी थी। हालांकि, ब्रोकरेज ने कहा कि यह मानवीय भूल के कारण हुआ था और इस गलती को दोहराने से बचने के लिए प्रक्रियाओं को अपडेट किया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 09, 2024 पर 9:04 PM
SEBI ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग पर लगाया 2 लाख रुपये का जुर्माना, जानिए क्या है मामला
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग (Choice Equity Broking) पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना ब्रोकरेज और उसके ऑथराइज्ड पर्सन (AP) द्वारा नियमों का पालन नहीं करने के चलते लगाया गया है। सेबी द्वारा 9 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार ब्रोकरेज ने एक्सचेंजों को AP से जुड़े क्लाइंट्स की सही जानकारी नहीं दी। इसके AP और क्लाइंट के बीच तीन मामलों में AP सर्विसेज के लिए फंड की लेनदेन हुआ है और AP के टर्मिनल्स का इस्तेमाल अनऑथराइज्ड लोगों द्वारा किया गया।

क्या है पूरा मामला?

सेबी की जांच से पता चला AP एपी में से एक ने एक्सचेंज को 226 क्लाइंट्स, दूसरे ने 118 क्लाइंट्स और तीसरे ने सात क्लाइंट्स की जानकारी नहीं दी थी। हालांकि, ब्रोकरेज ने कहा कि यह मानवीय भूल के कारण हुआ था और इस गलती को दोहराने से बचने के लिए प्रक्रियाओं को अपडेट किया गया था।

जांच से यह भी पता चला कि ब्रोकरेज के AP में से एक ग्रो कैपिटल फाइनेंस सर्विसेज क्लाइंट को फंड ट्रांसफर कर रहा था। ब्रोकरेज ने कहा कि यह एक अरेंजमेंट का हिस्सा था जो AP ने पर्सनल कैपिसिटी में क्लाइंट के साथ किया था, जहां AP क्लाइंट के ट्रेडों से AP द्वारा अर्जित ब्रोकरेज का एक हिस्सा चुकाएगा। हालांकि, एडजुडिकेटिंग ऑफिसर अमर नवलानी द्वारा जारी सेबी के आदेश में कहा गया है कि ब्रोकरेज का तर्क एक्सेप्टेबल नहीं है।

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