मार्केट रेगुलेटर SEBI ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग (Choice Equity Broking) पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना ब्रोकरेज और उसके ऑथराइज्ड पर्सन (AP) द्वारा नियमों का पालन नहीं करने के चलते लगाया गया है। सेबी द्वारा 9 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार ब्रोकरेज ने एक्सचेंजों को AP से जुड़े क्लाइंट्स की सही जानकारी नहीं दी। इसके AP और क्लाइंट के बीच तीन मामलों में AP सर्विसेज के लिए फंड की लेनदेन हुआ है और AP के टर्मिनल्स का इस्तेमाल अनऑथराइज्ड लोगों द्वारा किया गया।
