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₹546 करोड़ होंगे जब्त, SEBI का Avadhut Sathe पर कड़ा एक्शन, शेयर मार्केट से फर्जी मुनाफा दिखा गुमराह करते थे निवेशकों को

बाजार नियामक SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने एक जाने-माने फिनफ्यूएंसर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने गुरुवार को अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी और अवधूत साठे से कुल ₹546.2 करोड़ जब्त करने का निर्देश दिया है। जानिए यह पूरा मामला क्या है और सेबी ने फिनफ्लूएंसर के खिलाफ इतनी बड़ी कार्रवाई क्यों की है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Dec 05, 2025 पर 10:06 AM
₹546 करोड़ होंगे जब्त, SEBI का Avadhut Sathe पर कड़ा एक्शन, शेयर मार्केट से फर्जी मुनाफा दिखा गुमराह करते थे निवेशकों को
सेबी (SEBI) ने गुरुवार को अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (Avadhut Sathe Trading Academy) और अवधूत साठे (Avadhut Sathe) से ₹546.2 करोड़ रुपये जब्त करने का निर्देश दिया।

SEBI in Action: स्टॉक मार्केट से जुड़ी जानकारियों को लेकर आम लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ बाजार नियामक SEBI ने तगड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने गुरुवार को अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (Avadhut Sathe Trading Academy) और अवधूत साठे (Avadhut Sathe) से ₹546.2 करोड़ रुपये जब्त करने का निर्देश दिया। इसके अलावा सेबी ने इन्हें बिना रजिस्ट्रेशन के इंवेस्टमेंट एडवायजरी और रिसर्च एनालिस्ट सर्विसेज देने से भी रोक दिया है। साथ ही इन्हें अगले आदेश तक सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। इस मामले में सेबी ने125 पेज का ऑर्डर जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?

बाजार नियामक सेबी का कहना है कि इन दोनों एंटिटीज ने करीब 3.4 लाख निवेशकों से ₹601 करोड़ से अधिक जुटाए थे। हालांकि इन्होंने जरूरी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया और इसके बिना ही निवेश की सलाह और स्टॉक एनालिसिस के जरिए निवेशकों को भ्रामक तरीके से आकर्षित कर रहे थे और उन्हें शेयरों की खरीदारी-बिक्री के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। इसी को लेकर सेबी ने बड़ी कार्रवाई की है। हालांकि सेबी का कहना है कि यदि ये संस्थाएं एडुकेशनल एक्टिविटीज करना चाहती हैं तो उन्हें सिक्योरिटीज लॉज का पूरी तरह पालन करना होगा।

125 पेज के अपने आदेश में सेबी ने कहा कि ये एंटिटीज स्टॉक मार्केट एडुकेशन के नाम पर बिना रजिस्ट्रेशन के इंवेस्टमेंट ए़डवायजरी और रिसर्च एनालिस्ट सर्विसेज दे रही थीं और ट्रेनिंग सेशन के दौरान लाइव मार्केट डेटा का इस्तेमाल कर रही थी। सेबी ने यह भी कहा कि ये निवेशकों से भारी-भरकम फीस भी वसूल रही थीं। इसके अलावा सेबी ने पाया कि ये एंटिटीज सोशल मीडिया के जरिए गुमराह करने वाली जानकारी और विज्ञापन फैला रही थीं, जिनका लक्ष्य निवेशकों को स्टॉक मार्केट से तगड़े मुनाफे का झांसा देकर आकर्षित करना था।

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