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SEBI के रियल टाइम प्राइस डेटा शेयरिंग के नए नियम से क्या स्टॉक मार्केट ट्रेनर्स को बड़ा झटका लगेगा?

SEBI के सिक्योरिटीज रियल टाइम प्राइस डेटा से जुड़े नए सर्कुलर में कहा गया है कि मार्केट इंटरमीडियरीज और दूसरी एनटिटी को किसी थर्ड पार्टी से रियल टाइम प्राइस डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि कुछ खास मकसद के लिए कुछ शर्तों के साथ डेटा शेयरिंग की इजाजत दी गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 29, 2024 पर 11:43 PM
SEBI के रियल टाइम प्राइस डेटा शेयरिंग के नए नियम से क्या स्टॉक मार्केट ट्रेनर्स को बड़ा झटका लगेगा?
SEBI के इस नियम के दायरे में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्टर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) और मार्केट इंटरमीडियरीज आएंगे।

सेबी ने स्टॉक्स के रियल टाइम डेटा शेयरिंग के नए नियम जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि मार्केट इंटरमीडियरीज (ब्रोकरेज फर्में) सहित दूसरे एनटिटी को सिक्योरिटीज के रियल टाइम प्राइस डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं होगी। माना जा रहा है कि इस नियम से स्टॉक मार्केट ट्रेनर्स को बड़ा झटका लगेगा। लीगल एक्सपर्ट्स के बीच अभी इस बात पर सहमति नहीं है कि सेबी के नए नियम से स्टॉक ट्रेनर्स को कितना नुकसान होगा। लेकिन इस बात को लेकर उनमें सहमति है कि यह नियम उनके हित में नहीं है।

SEBI का नया नियम क्या है?

SEBI के इस नियम के दायरे में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्टर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) और मार्केट इंटरमीडियरीज आएंगे। मार्केट इंटरमीडियरीज का मतलब ब्रोकरेज फर्मों (Brokerage Firms) से है। उन्हें थर्ड पार्टी के साथ सिक्योरिटीज के रियल टाइम प्राइस डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं होगी। सिर्फ स्टॉक मार्केट के सही तरह से कामकाज के लिए जहां जरूरी होगा वहां डेटा शेयरिंग की इजाजत होगी। इसके अलावा रेगुलेटरी जरूरत के लिए डेटा शेयरिंग की इजाजत होगी।

खास मकसद के लिए डेटा शेयरिंग की इजाजत

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