Get App

इंडेक्स डेरिवेटिव ट्रेडिंग के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में सेबी, रिटेल निवेशकों के पार्टिसिपेशन पर लगेगी लगाम

सेबी ने इंडेक्स डेरिवेटिव के नियमों में कई बदलाव करने का प्रस्ताव पेश किया है। इसका मकसद इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा और बाजार में स्थिरिता सुनिश्चित करना है। इनमें एक्सचेंज के सिंगल बेंचमार्क इंडेक्स पर वीकली ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की इजाजत, डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के न्यूनतम साइज को 3-4 गुना बढ़ाने, ऑप्शन प्रीमियम अपफ्रंट कलेक्ट करने और स्ट्राइक प्राइस की संख्या घटाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 30, 2024 पर 6:32 PM
इंडेक्स डेरिवेटिव ट्रेडिंग के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी में सेबी, रिटेल निवेशकों के पार्टिसिपेशन पर लगेगी लगाम
मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में कंसल्टेशन पेपर 30 जुलाई को जारी किया है।

सेबी ने निवेशकों के हितों की सुरक्षा और बाजार में स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उसने इंडेक्स डेरिवेटिव्स फ्रेमवर्क को स्ट्रॉन्ग बनाने वाले उपाय करने का प्रस्ताव दिया है। इनमें एक्सचेंज के सिंगल बेंचमार्क इंडेक्स पर वीकली ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की इजाजत, डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट के न्यूनतम साइज को 3-4 गुना बढ़ाने, ऑप्शन प्रीमियम अपफ्रंट कलेक्ट करने और स्ट्राइक प्राइस की संख्या घटाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में कंसल्टेशन पेपर 30 जुलाई को जारी किया है।

कॉन्ट्रैक्ट का साइज कई गुना बढ़ाने का प्लान

सेबी ने कंसल्टेंशन पेपर में वीकली ऑपशंस कॉन्ट्रैक्ट्स घटाने का भी प्रस्ताव दिया है। अभी ऐसे इंडेक्स आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स हैं जो रोजाना एक्सपायर होते हैं। सेबी एक्सचेंज के एक इंडेक्स के वीकली कॉन्ट्रैक्ट्स की इजाजत देने के पक्ष में है। अगर यह प्रस्ताव लागू हो जाता है तो एक हफ्ते में दो एक्सपायरी होगी। सेबी ने कॉन्ट्रैक्ट का साइज कई गुना बढ़ा देना चाहता है। इससे रिटेल इनवेस्टर्स के लिए डेरिवेटिव ट्रेडिंग में पार्टिसिपेट करना मुश्किल हो जाएगा।

अभी कॉन्ट्रैक्ट साइज 5 लाख से 10 रुपये के बीच

सब समाचार

+ और भी पढ़ें