अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की हालिया रिपोर्ट के झटके से मार्केट की अस्थिरता को थामने और निवेशकों को आश्वस्त करने के लिए सेबी जरूरी कदम उठा रहा है। इसे लेकर बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने प्रेस रिलीज जारी किया है। सेबी ने यह कदम हिंडबनर्ग की रिपोर्ट का घरेलू मार्केट पर असर न पड़े, इसके लिए जारी किया है। हिंडनबर्ग ने 10 अगस्त को सेबी की प्रमुख माधबी पुरी बुच पर अदाणी मामले में ऑफशोर एंटिटीज में हिस्सेदारी होने का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर सेबी ने 11 अगस्त को एक प्रेस रिलीज जारी किया और निवेशकों से शांत रहने को कहा और मार्केट को प्रभावित करने वाले किसी भी रिपोर्ट जैसे कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर सोच-समझकर कदम उठाने को कहा है।
SEBI ने निवेशकों को किया आगाह
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर सेबी ने निवेशकों को आगाह किया है कि शांतिपूर्वक और सोच-समझकर फैसला लें। सेबी ने यह भी कहा कि निवेशकों को रिपोर्ट में जो डिस्क्लेमर दिया है, उसे जरूर ध्यान में रखना चाहिए जिसमें कहा गया है कि रीडर्स को मानना चाहिए कि हिंडबनर्ग रिसर्च ने रिपोर्ट में शामिल सिक्योरिटीज में शॉर्ट पोजिशन ली हुई हो सकती है।
SEBI ने रिपोर्ट पर दिया यह स्पष्टीकरण
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप से जुड़े मामले की जांच में सेबी की भूमिका पर सवाल उठाया है। इसके अलावा इसमें हिंडनबर्ग को भेजे गए कारण बताओ नोटिस भी सवाल उठाए गए हैं। सेबी ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है कि अदाणी ग्रुप पर जो भी आरोप लगे थे, उनकी पूरी तरह से जांच की और 24 में से 23 जांच पूरी हो गई है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में सेबी (आरईआईटी) रेगुलेशंस, 2014 में बदलाव के लिए भी सेबी की आलोचना की गई है। हिंडनबर्ग के मुताबिक इन बदलावों से ब्लैकस्टोन को फायदा हुआ। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि माधबी बुच की कंसल्टिंग कंपनियां और उनके पति की कंसल्टेंसी अदाणी ग्रुप से जुड़े मामले से जुड़ी हैं। हालांकि माधबी बुच की कंसल्टिंग कंपनियां उनके सेबी के प्रमुख बनने के बंद बंद हो गई हैं। सेबी ने इस मामले में कहा कि सिक्योरिटीज की होल्डिंग्स और उनके लेन-देन से जुडे़ खुलासे सेबी की प्रमुख समय-समय पर करती रही हैं और हितों के टकराव को कोई मामला नहीं बन रहा है।