Sensex और Nifty में 4 फीसदी तेजी की असली वजह शॉर्ट-कवरिंग थी, तो क्या अभी बाजार में सावधानी बरतने की जरूरत है?

8 अप्रैल को बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 4 फीसदी तेजी आई थी। 9 अप्रैल को बाजार में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 0.93 फीसदी यानी 222 प्वाइंट्स गिरकर 23,775 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.20 फीसदी यानी 931 अंक की गिरावट के साथ 76,631 अंक पर क्लोज हुआ

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 4:34 PM
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9 अप्रैल को एशियाई बाजारों पर भी दबाव देखने को मिला।

शेयर बाजार में 8 अप्रैल को आई गिरावट में सबसे बड़ा हाथ शॉर्ट कवरिंग का था। शेयर बाजार के डेटा से यह संकेत मिलता है। इसका मतलब है कि करीब एक साल में मार्केट में एक दिन में आई सबसे बड़ी तेजी में नई खरीदारी का हाथ कम था। यूएस-ईरान के बीच सीजफायर से चढ़ने वाले शेयरों की संख्या में इजाफा हुआ। लेकिन, फ्यूचर्स पोजीशंस में तेज गिरावट दिखी। 8 अप्रैल को बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 4 फीसदी तेजी आई थी।

एशियाई बाजारों में भी तेजी में शॉर्ट-कवरिंग का हाथ

एशियाई बाजारों में भी भारतीय बाजारों जैसा पैटर्न देखने को मिला। लेकिन, भारतीय बाजारों में भी यह पैटर्न ज्यादा स्ट्रॉन्ग था। भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों ने इंडेंक्स फ्यूचर्स में मंदी के अपने 32,035 सौदे (कॉन्ट्रैक्ट्स) काट दिए। 3 फरवरी के बाद से यह कॉन्ट्रैक्ट्स में एक दिन में सबसे बड़ी कमी है। साथ ही नियर-मंथी निफ्टी 50 फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट में सबसे तेज गिरावट आई।


भारतीय बाजार में शॉर्ट-कविरंग के स्पष्ट संकेत

Maybank Securities में सेल्स-ट्रेडिंग प्राइम ब्रोकरेज के हेड तारेक होरचानी ने कहा, "इंडिया में शॉर्ट कवरिंग के स्पष्ट संकेत देखने को मिले। पोजीशनिंग के लिहाज से हमें पता चलता है कि मार्केट में आई रिकवरी की वजह टेक्निकल थी न कि इसकी वजह निवेशकों का भरोसा था।" उन्होंने कहा कि ओपन इंटरेस्ट के साथ कीमतों में इजाफा के लिए बाजार में ज्यादा टिकाऊं रैली जरूरी है।

9 अप्रैल को बाजार में आई बड़ी गिरावट 

उन्होंने कहा कि नए लॉन्ग पोजीशंस के साथ ही स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम और सेक्टर लीडरशिप जरूरी है। साथ ही दूसरे एसेट क्लास में भी तेजी की पुष्टि होनी चाहिए। इक्विटी मार्केट रिसर्च फर्म इंडियाचार्ट्स डॉट कॉम के फाउंडर और मार्केट स्ट्रेटेजिस्ट रोहित श्रीवास्तव ने कहा, "रैली की बड़ी वजह शॉर्ट कवरिंग रही। यह साफ हो गया है।" भारतीय शेयर बाजार में 9 अप्रैल को गिरावट देखने को मिली।

मध्यपूर्व में सीजफायर को लेकर बढ़ा संदेह

9 अप्रैल को एशियाई बाजारों पर भी दबाव देखने को मिला। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच हुए सीजफायर के टिकने को लेकर बढ़ता संदेह है। कैश में विदेशी फंडों की बिकवाली जारी है। 7 अप्रैल और इससे पहले के 23 सत्रों में विदेशी फंडों ने लगातार बिकवाली की है। इस दौरान उनकी कुल बिकवाली 17.8 अरब डॉलर रही है।

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सेंसेक्स 1.20 फीसदी फिसला

भारतीय शेयर बाजारों में 9 अप्रैल को बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 0.93 फीसदी यानी 222 प्वाइंट्स गिरकर 23,775 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.20 फीसदी यानी 931 अंक की गिरावट के साथ 76,631 अंक पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.58 फीसदी की गिरावट आई। सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (3.61 फीसदी), जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (3.25 फीसदी), अंबुजा सीमेंट (2.84 फीसदी) और एलएंडटी (2.74 फीसदी) शामिल रहे।

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