Sensex-Nifty crashes on Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने जैसे ही शेयर मार्केट में फ्यूचर्स से जुड़ी एसटीटी (STT) को बढ़ाया तो मार्केट में हाहाकार मच गया। इसके चलते घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50, दोनों 2-2% से अधिक टूट गए। सेंसेक्स की बात करें तो आज के इंट्रा-डे हाई से 2,800 से अधिक प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24,600 के नीचे आ गया। मार्केट के इस हाहाकार में सेंसेक्स के 29 तो निफ्टी के 45 स्टॉक्स लाल हो गए। हालांकि निचले स्तर पर रिकवरी के साथ फिलहाल सेंसेक्स 0.94% की गिरावट के साथ 81,464.68 और निफ्टी 1.18% की गिरावट के साथ 25,021.25 पर है।
इंट्रा-डे में सेंसेक्स 82,726.65 के हाई से टूटकर 79,899.42 और निफ्टी भी 25,440.90 से फिसलकर 24,571.75 तक आ गया था। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो लॉर्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली का अधिक दबाव रहा।
सेक्टरवाइज क्या है रुझान?
मार्केट की इस हाहाकर में हर सेक्टर में बिकवाली की आंधी चलने लगी। पीएसयू बैंक और मेटल शेयरों के निफ्टी इंडेक्स तो 3-3% से अधिक फिसल गए। साथ ही ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी और ऑयल एंड गैस के निफ्टी इंडेक्स भी 1-1% से अधिक टूट गए।
इस कारण Sensex-Nifty हुए धड़ाम
मार्केट पर सबसे अधिक दबाव तो वित्त मंत्री के इस ऐलान ने बनाया कि शेयर मार्केट में फ्यूचर्स पर STT यानी कि सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया जाएगा। वहीं ऑप्शंस के लिए एसटीटी को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। वहीं मार्केट एसटीटी में कटौती की उम्मीद कर रहा था तो इसमें बढ़ोतरी के ऐलान ने बाजार की उम्मीदों को तगड़ा शॉक दिया और निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ। इसके अलावा उन्होंने बजट में यह भी ऐलान किया कि शेयर बायबैक से होने वाली कमाई पर अभी स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है लेकिन अब इसे कैपिटल गेन्स टैक्स के तहत ट्रीट किया जाएगा। इसने भी मार्केट पर दबाव बनाया।