Sensex में 2007 के बाद सबसे लंबी तेजी, सिर्फ 11 ट्रेडिंग सेशंस में निवेशकों ने कमाएं 14 लाख करोड़ रुपये

सेंसक्स पिछले 11 सत्रों में 4.63 फीसदी चढ़ा है। इसमें 1.86 फीसदी की तेजी सिर्फ बीते हफ्ते आई है। देश और विदेश से आने वाली पॉजिटिव खबरों से बाजार को सपोर्ट मिला है। इनफ्लेशन में कमी आई है। मानसून की बारिश कम रहने के बावजूद एनालिस्ट चिंतित नहीं हैं

अपडेटेड Sep 16, 2023 पर 3:57 PM
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बीते 11 कारोबारी सत्रों में निवेशकों ने शेयर बाजार से 13.81 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। बीएसई के मार्केट कैप में आए उछाल से इसका पता चलता है।

BSE Sensex ने लगातार 11 सत्रों में तेजी दिखाई है। यह 2007 के बाद तेजी का सबसे लंबा सिलसिला है। इस तेजी की बदौलत यह ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। सेंसक्स पिछले 11 सत्रों में 4.63 फीसदी चढ़ा है। इसमें 1.86 फीसदी की तेजी सिर्फ बीते हफ्ते आई है। देश और विदेश से आने वाली पॉजिटिव खबरों से बाजार को सपोर्ट मिला है। इनफ्लेशन में कमी आई है। मानसून की बारिश कम रहने के बावजूद एनालिस्ट चिंतित नहीं हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि दूसरी तिमाही के कंपनियों के नतीजे चौंका सकते हैं। पहली तिमाही में भी कंपनियों के नतीजें अच्छे आए थे। इसका स्टॉक मार्केट पर पॉजिटिव असर पड़ा था।

मानसून की कम बारिश के बावजूद चिंता नहीं

चोला सिक्योरिटीज में में इक्विटी एंड डेरिवेटिव रिसर्च के हेड धर्मेश कांत ने कहा कि दूसरी तिमाही के नतीजे चौंका सकते हैं। जो लो इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में अर्निंग्स में रिकवरी का अनुमान जता रहे थे, उन्हें अपने कैलकुलेश में बदलाव करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "अगस्त में मानसून की बारिश बहुत कम रही। इससे कंस्ट्रक्शन से जुड़ी गतिविधियां ज्यादा रहीं। पिछले साल ऐसा नहीं हुआ था। इस तरह कंस्ट्रक्शन और इससे जुड़ी कंपनियों को एक महीने का अतिरिक्त समय मिल गया। अगर आप अगस्त के ऑटोमोबाइल के आंकड़ों को देखें तो सभी कंपनियों की सेल्स में उछाल आया है। इसलिए दूसरी तिमाही में ऑटो, मेटल, इंफ्रा, कंस्ट्रक्शन से जुड़ी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा।"


म्यूचुअल फंड्स कर रहे लगातार निवेश

घरेलू फंड्स अच्छा निवेश कर रहे हैं। खासकर म्यूचुअल फंड्स लगातार निवेश कर रहे हैं। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावूजद मार्केट का सेंटिमेंट मजबूत बना हुआ है। अगस्त में म्यूचुअल फंड्स के SIP से होने वाला निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। उधर, विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। सितंबर में उनकी तरफ से मुनाफावसूली की गई है। उन्होंने शेयर बाजार से 4,768 करोड़ रुपये निकाले हैं।

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इंडियन मार्केट्स का प्रदर्शन दुनिया में सबसे अच्छा

बीते 11 कारोबारी सत्रों में निवेशकों ने शेयर बाजार से 13.81 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। बीएसई के मार्केट कैप में आए उछाल से इसका पता चलता है। बीएसई का मार्केट कैप बढ़कर 523.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है। सिर्फ बीते हफ्ते में मार्केट कैप 2.46 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है। उधर, इस दौरान दुनिया के दूसरे बड़े बाजारों के प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में बने रहे हैं। बीते 11 सत्रों में अमेरिकी मार्केट के प्रमुख सूचकांक S&P और Nasdaq 100 में खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। जर्मनी के DAX का भी यही हाल है। CAC में करीब 2 फीसदी तेजी आई है। FTSE 100 4 फीसदी चढ़ा है।

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