सिकोइया कैपिटल इंडिया (Sequoia Capital India) ने जोमैटो (Zomato) में अपनी कुछ हिस्सेदारी ओपन मार्केट के जरिए बेच दी है। कंपनी के पास यह हिस्सेदारी जोमैटो का IPO आने से पहले से थी। इसके साथ ही Zomato में सिकोइया कैपिटल इंडिया की हिस्सेदारी अब घटकर 4.4 फीसदी रह गई है।
शेयर बाजारों को भेजी गई एक सूचना में Zomato ने बताया कि सिकोइया कैपिटल इंडिया ने 6 सितंबर 2021 से 14 अक्टूबर 2021 के बीच बीच उसके 6.5 करोड़ शेयर बेचे हैं। वहीं 27 जून 2022 से 25 अगस्त 2022 के बीच 10.5 करोड़ शेयर बेचे हैं। सिकोइया कैपिटल ने यह हिस्सेदारी अपनी दो इनवेस्टमेंट यूनिट- सिकोइया कैपिटल इंडिया ग्रोथ इनवेस्टमेंट होल्डिंग्स-I और SCI ग्रोथ इनवेस्टमेंट-II के जरिए बेची है।
इस तरह सिकोइया कैपिटल ओपन मार्केट में Zomato के अब तक कुल 17.2 करोड़ शेयर बेच चुकी है, जिसके साथ ही कंपनी में उसकी हिस्सेदारी घटकर 4.4 फीसदी पर आ गई, जो पहले 6.41 फीसदी थी।
यहां यह भी बताना जरूरी है कि ब्लिंकिट (Blinkit) का जोमैटो की तरफ से अधिग्रहण किए जाने के बाद सिकोइया कैपिटल को बीते 10 अगस्त को जोमैटो के 4.5 करोड़ शेयर और मिले हैं। इन शेयरों पर एक साल का लॉक-इन पीरियड लागू है और उसके बाद ही इनकी बिक्री की जा सकती है।
जोमैटो के एक और निवेशक, डिलीवरी हीरो (Delivery Hero) ने जुलाई 2022 में कंपनी में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी। डिलीवरी हीरो के पास जोमैटो की करीब 1.6 फीसदी हिस्सेदारी थी, जिसके वैल्यू 6 करोड़ डॉलर है। डिलीवरी हीरो ने जोमैटो में 2018 में निवेश किया था।
सिकोइया कैपिटल और डिलीवरी हीरो जोमैटो के उन प्राइवेट निवेशकों की बढ़ती सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने बीते 23 जुलाई को कंपनी के करीब 613 करोड़ या 78 फीसदी शेयरों के लिए एक साल की लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद या तो ओपन मार्केट या ब्लॉक डील के जरिए शेयर बेचे हैं।
इस महीने की शुरुआत में हेड फंड कंपनी टाइगर ग्लोबल ने जोमैटो के 18 करोड़ शेयर बेचे थे। इससे पहले उबर (Uber) कंपनी में अपनी पूरी 7.78 फीसदी बेचकर इससे बाहर निकल गई। न्यूयॉर्क की वेंचर कैपिटल फर्म, मूरे स्ट्रैटजिक वेंचर्स ने भी जुलाई में कंपनी में 4.25 करोड़ शेयरों की अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी थी।