Sharda Cropchem Stocks: क्या शारदा क्रॉपकेम के शेयरों में अभी निवेश करने पर होगी मोटी कमाई?

Sharda Cropchem का वित्तीय प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। लेकिन, अभी कंपनी के लिए चुनौतियां खत्म नहीं हुई है। कंपनी के कई प्रमुख एक्सपोर्ट मार्केट में मौसम की स्थितियां खराब हैं। यूरोप में बाढ़, बर्फबारी और वाइल्डफायर जैसी आपदाएं देखने को मिली हैं

अपडेटेड Sep 21, 2024 पर 10:46 PM
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शारदा क्रॉपकेम ने वॉल्यूम ग्रोथ के लिए 15-18 फीसदी टारगेट तय किया है। उसने एबिड्टा मार्जिन भी इसी रेंज में रहने का अनुमान जताया है।
     
     
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    शारदा क्रॉपकेम का प्रदर्शन इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में अच्छा रहा है। हालांकि, कंपनी को पिछले साल के लोअर बेस का फायदा मिला। यह कंपनी एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग और डिस्ट्रिब्यूशन करती है। कंपनी को कुछ पुरानी चुनौतियों का सामना आगे भी करना पड़ सकता है।

    पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था

    Sharda Cropchem (SCC) के अच्छे वित्तीय प्रदर्शन में इसके प्रोडक्ट मिक्स और हाई कॉस्ट इनवेंट्री के लिक्विडेशन का हाथ रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन और रेवेन्यू ग्रोथ की बड़ी वजह पिछले साल का लोअर बेस था। FY24 में कंपनी को कमजोर एक्सपोर्ट डिमांड, इनवेंट्री बिल्डअप और कई जेनरिक मॉलक्यूल्स की कीमतों में तेज गिरावट का सामना करना पड़ा था। नॉन-एग्रोकेमिकल सेगमेंट में रेवेन्यू में 35 फीसदी गिरावट आई है। इसमें रेड सी क्राइसिस की वजह से लॉजिस्टिक्स के मसलों और ज्यादा फ्रेट का हाथ था।


    ओवरसप्लाई जैसे मसलों से बाहर आ रहा है एग्रोकेमिकल मार्केट

    एग्रोकेमिकल मार्केट ओवरसप्लाई से जुड़े मसलों और प्राइसिंग प्रेशर से धीर-धीरे बाहर आ रहा है। इस वजह से FY24 की तरह शारदा एग्रोकेम के बिजनेस पर पहली तिमाही में दबाव नहीं दिखा। हालांकि, अभी ग्रोथ नहीं दिखी है। कंपनी के कई प्रमुख एक्सपोर्ट मार्केट में मौसम की स्थितियां खराब हैं। यूरोप में बाढ़, बर्फबारी और वाइल्डफायर जैसी आपदाएं देखने को मिली हैं। ब्राजील सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है। यह एग्री एक्सपोर्ट के लिए बड़ा मार्केट है।

    प्रमुख एक्सपोर्ट मार्केट में मौसम की स्थितियां बेहतर होने का मिलेगा फायदा

    FY25 की बाकी अवधि में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि यूरोपीय संघ और लैटिन अमेरिका जैसे प्रमुख एक्सपोर्ट मार्केट में डिमांड कैसी रहती है। एक्सपोर्ट करने वाली एग्री कंपनियां प्रॉफिट मार्जिन के बजाय मार्केट वॉल्यूम बनाए रखने पर जोर दे रही हैं। चीन की कई कंपनियां काफी कम मार्जिन पर मैन्युफैक्चरिंग कर रही हैं। इससे इंडियन कंपनियों को बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में दिक्कत आ रही है। कुछ एग्री प्रोडक्ट्स जिनकी कीमतें पहले 90 डॉलर प्रति गैलन थी, अब घटकर करीब 20 डॉलर पर आ गई है। इस साल के अंत तक कीमतें करीब 30-40 डॉलर तक आ जाने की उम्मीद है।

    वॉल्यूम ग्रोथ के लिए 15-18 फीसदी टारगेट

    शारदा क्रॉपकेम ने वॉल्यूम ग्रोथ के लिए 15-18 फीसदी टारगेट तय किया है। उसने एबिड्टा मार्जिन भी इसी रेंज में रहने का अनुमान जताया है। इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में प्रोडक्ट्स की कीमतों में रिकवरी आने की उम्मीद है। हालांकि, कीमतें पहले देखे गए लेवल तक नहीं जाएंगी, क्योंकि चीन की कंपनियों से प्रतियोगिता के चलते कीमतें ज्यादा ऊपर नहीं जाएंगी। ऐसे लंबी अवधि में ग्रोथ के लिए कंपनी को नए मार्केट्स में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर फोकस बढ़ाना होगा।

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    क्या आपको निवेश करना चाहिए?

    SCC की बैलेंसशीट अच्छी है। इसके शेयर में FY26 की अनुमानित अर्निंग्स के 15 गुना पी/ई पर ट्रेडिंग हो रही है। वैल्यूएशन लॉन्ग टर्म के हिस्टोरिकल एवरेज से कम है। हालांकि, बिजनेस आउटलुक को लेकर चिंता की अनदेखी नहीं की जा सकती। निवेशक इस स्टॉक में निवेश करने के लिए मार्कट की स्थितियां बेहतर होने तक इंतजार कर सकते हैं।

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